EOW Chargesheet: Bribery Case में बड़ा Action, Court पहुंचा मामला
EOW Chargesheet के बाद Srinagar Court में bribery case की सुनवाई, investigation को प्रभावित करने का आरोप
Jammu and Kashmir Crime Branch की Economic Offences Wing (EOW) ने investigation को प्रभावित करने के लिए कथित तौर पर रिश्वत देने की कोशिश के मामले में एक व्यक्ति के खिलाफ chargesheet दाखिल की है। अधिकारियों के अनुसार आरोपी पर एक investigating officer को पैसे transfer कर probe को प्रभावित करने का आरोप है।
EOW ने Court में दाखिल की Chargesheet
अधिकारियों ने बताया कि chargesheet Special Judge, Anti-Corruption, Srinagar की Court में FIR No. 28/2026 के तहत पेश की गई। आरोपी की पहचान Ghulam Ahmad Ganie के रूप में हुई है, जो central Kashmir के Budgam district के Mirgund area का रहने वाला है।
मामले में Prevention of Corruption Act की Section 8 के साथ BNS की Sections 228 और 229 के तहत cognisable offences का उल्लेख किया गया है।
₹10,000 Transfer करने का आरोप
Officials के मुताबिक मामला एक written complaint के आधार पर सामने आया। शिकायत में आरोप लगाया गया कि Ghulam Ahmad Ganie, जो Crime Branch Kashmir की FIR No. 11/2021 की ongoing investigation में पहले से accused है, ने एक investigating officer के bank account में ₹10,000 transfer किए।
आरोप है कि यह रकम investigation को प्रभावित करने और officer को कथित तौर पर bribe देने के उद्देश्य से transfer की गई थी।
शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच के आदेश दिए गए और allegations की जांच शुरू की गई।
Investigation में Evidence किया गया Collect
जांच के दौरान officials ने आरोपों की verification की और संबंधित evidence collect किया। Investigation में आरोपी की alleged involvement सामने आने के बाद chargesheet तैयार की गई।
इसके बाद chargesheet को Court के सामने पेश किया गया, जहां मामले का judicial determination कानून के अनुसार किया जाएगा।
Court में अब होगी आगे की कार्रवाई
EOW ने investigation पूरी करने के बाद मामला Court के समक्ष रखा है। अब Court उपलब्ध evidence और आरोपों के आधार पर आगे की legal proceedings तय करेगी।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि chargesheet दाखिल होना investigation का एक हिस्सा है और मामले में आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों का अंतिम निर्धारण Court द्वारा कानून के अनुसार किया जाएगा।





