जम्मू और कश्मीर

J&K News: कश्मीर में राहत की किरण! 521 परिवारों को मिलेंगे आधुनिक सुविधाओं वाले नए मकान, एलजी का बड़ा फैसला

J&K News: पौने और राजौरी में प्राकृतिक आपदाओं और पाकिस्तानी गोलीबारी से प्रभावित परिवारों के लिए एक बड़ी राहत की शुरुआत हो गई है। लेफ्टिनेंट गवर्नर मनोज सिन्हा ने शुक्रवार को नए घरों के निर्माण का भूमिपूजन किया। अब पौने की 133 और राजौरी की 388 जरूरतमंद परिवारों को बिना किसी खर्च के पक्के सुरक्षित और आधुनिक घर मिलेंगे। ये सभी घर एचआरडीएस इंडिया की मदद से बनाए जाएंगे और हर घर की कीमत दस लाख रुपये होगी। यह कदम उन परिवारों के लिए नई उम्मीद लेकर आया है जो वर्षों से कठिनाइयों का सामना कर रहे थे।

 केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता

एलजी ने मौके पर कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केंद्र सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता प्रभावित परिवारों का पुनर्वास है। उन्होंने बताया कि पहले भी बाढ़ और पाकिस्तानी शेलिंग से प्रभावित परिवारों को राहत राशि और नौकरियां दी गई थीं। कुल 14 मृतकों के परिवारों को सहायता दी गई। पौने में 160 कच्चे घर मालिकों और 425 पक्के घर मालिकों को अपने मकान दोबारा बनाने के लिए मुआवजा भी दिया गया था। राजौरी में भी ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शहीद हुए नागरिकों के परिजनों को सरकारी नौकरी दी गई और 465 घरों का पुनर्निर्माण कराया गया।

J&K News: कश्मीर में राहत की किरण! 521 परिवारों को मिलेंगे आधुनिक सुविधाओं वाले नए मकान, एलजी का बड़ा फैसला

पहले चरण में 1500 स्मार्ट घर

लेफ्टिनेंट गवर्नर ने घोषणा की कि पहले चरण में पूरे प्रदेश में 1500 घर बनाए जाएंगे। इन घरों को भूमिपूजन के छह महीने के भीतर तैयार कर जरूरतमंद परिवारों को सौंप दिया जाएगा। ये तीन कमरों वाले प्रीफैब्रिकेटेड स्मार्ट हाउस होंगे जिनमें आधुनिक सुविधाएं होंगी। सरकार का मानना है कि इन घरों से प्रभावित परिवार जल्दी सामान्य जीवन में वापस लौट सकेंगे और सुरक्षित माहौल में रह पाएंगे।

सुविधाओं से भरपूर नए घर

इन नए घरों में विशेष सुविधाएं भी जोड़ी जा रही हैं जिनमें गायों के लिए अलग से शेड भी शामिल है। एचआरडीएस इंडिया अगले पांच साल तक इन घरों की देखभाल भी करेगा। दूसरे चरण में इन घरों पर सोलर पैनल भी लगाए जाएंगे जिससे परिवारों को बिजली की बचत मिलेगी। पौने और राजौरी में बन रहे इन घरों पर कुल लगभग इक्यावन करोड़ रुपये का खर्च आएगा जिसे एचआरडीएस इंडिया वहन करेगा।

 विकास का तेज और नया दौर

एलजी मनोज सिन्हा ने साफ कहा कि घरों की संख्या पर कोई सीमा नहीं रखी गई है और यह योजना खास तौर पर कमजोर आर्थिक वर्ग के लिए तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि जरूरतमंदों की मदद करना सबसे बड़ा सेवा कार्य है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में पिछले कुछ वर्षों में पौने और राजौरी सहित पूरे प्रदेश में तेज और समावेशी विकास हुआ है। इस कार्यक्रम में मुख्य सचिव अटल डुल्लू और कई वरिष्ठ अधिकारी व नेता मौजूद रहे। यह कदम विकास और पुनर्वास की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा।

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