जम्मू और कश्मीर

J&K News: जम्मू में अतिक्रमण हटाने का अभियान तेज, पर अतिक्रमणकारी अभी भी कायम, पुलिस की चुनौती बढ़ी

J&K News: जम्मू प्रशासन और पुलिस ने हाल ही में मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ दो दिवसीय सख्त कार्रवाई करते हुए 145 कनाल ज़मीन को उनके कब्जे से मुक्त कराया है। यह अभियान मुख्य रूप से बिश्नाह क्षेत्र के सिकंदरपुर कोठा और चक बाज़िरु गांवों में संचालित हुआ, जो मादक पदार्थों के बड़े हॉटस्पॉट माने जाते हैं। इस दौरान कुल 16 अवैध मकानों को गिराया गया, जो या तो कस्टोडियन और सिंचाई विभाग की ज़मीन पर बनाए गए थे या फिर मादक पदार्थ तस्करी की कमाई से बनाए गए थे।

मकान गिराने के बाद नई चुनौतियां

हालांकि मकान गिराए गए, लेकिन मकान मालिक अब भी वहां बने हुए हैं और ठंड से बचने के लिए अस्थायी झोपड़ियाँ बना रहे हैं। इस बात ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन पर आरोप लगाया है कि अवैध कब्जों को हटाने के बाद उन्हें सुरक्षित रखने में प्रशासन विफल रहा, जिससे कब्जाधारक फिर से वहां लौटकर अस्थायी निर्माण कर रहे हैं। यह स्थिति स्थानीय निवासियों के लिए चिंता का विषय बन गई है।

J&K News: जम्मू में अतिक्रमण हटाने का अभियान तेज, पर अतिक्रमणकारी अभी भी कायम, पुलिस की चुनौती बढ़ी

स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया और मांगें

स्थानीय निवासी सुमनाथ ने कहा कि पुलिस की कार्रवाई में थोड़ी देरी हुई, लेकिन प्रशासन द्वारा मादक पदार्थ तस्करों की कमर तोड़ने का यह प्रयास निश्चित रूप से इस व्यापार को प्रभावित करेगा और स्थानीय युवाओं को इस बुरी आदत से बचाएगा। 20 से 40 वर्ष के बीच के कई युवा मादक पदार्थों की लत के कारण अपनी जान गंवा चुके हैं। स्थानीय लोग मांग कर रहे हैं कि खाली कराई गई ज़मीन पर फिर से अवैध कब्जा न हो और प्रशासन वहां पक्की बाड़ लगाकर इस ज़मीन की सुरक्षा करे।

मादक पदार्थ तस्करों पर नकेल कसने की जरूरत

ग़र चंद ने कहा कि पहले लोग यहां मादक पदार्थ के लिए आते-जाते रहते थे और स्थानीय लोग भी उन्हें रोक नहीं पाते थे, क्योंकि इससे खरीदार और विक्रेता के बीच लड़ाई हो जाती थी। पुलिस भी कार्रवाई करने से डरती थी। इसलिए लोग उनसे डरते थे, लेकिन अब प्रशासन की कड़ी कार्रवाई के बाद ये तस्कर पुलिस से डरने लगे हैं। यह कार्रवाई मादक पदार्थ तस्करों की बढ़ती गतिविधियों को रोकने के लिए महत्वपूर्ण कदम है।

आगे की राह: प्रशासन की जिम्मेदारी और समाधान

प्रशासन के लिए अब यह जरूरी हो गया है कि खाली कराई गई ज़मीन का कब्जा दोबारा मादक तस्करों को न दिया जाए। इसके लिए ज़मीन की सुरक्षा के साथ-साथ स्थानीय समुदाय की सहभागिता भी आवश्यक है। प्रशासन को चाहिए कि वह न केवल मकानों को गिराए, बल्कि तस्करों को पूरी तरह से इलाके से बाहर निकाले और कब्जाधारकों के खिलाफ सख्त कदम उठाए। इससे न केवल मादक पदार्थों की तस्करी पर रोक लगेगी, बल्कि युवा पीढ़ी भी इस बुराई से दूर रहेगी।

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