JKPSC परीक्षा में बड़ा सस्पेंस! उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सोशल मीडिया की अफवाहों को किया खारिज

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बुधवार को स्पष्ट किया कि जम्मू-कश्मीर लोक सेवा आयोग (JKPSC) परीक्षा से संबंधित कई सोशल मीडिया पोस्ट भ्रामक हैं। उन्होंने कहा कि इन पोस्ट्स में तथ्यों को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत किया गया है। उपराज्यपाल ने यह भी बताया कि सभी जानकारी जनता तक सही ढंग से पहुंचनी चाहिए और अफवाहों पर ध्यान नहीं दिया जाना चाहिए।
मनोज सिन्हा ने X (पूर्व में ट्विटर) पर साझा किए गए पोस्ट में स्पष्ट किया कि 2 दिसंबर 2025 को लोक भवन को प्राप्त फ़ाइल केवल आयु में छूट (age relaxation) से संबंधित थी और परीक्षा के आयोजन से किसी तरह का संबंध नहीं था। उन्होंने बताया कि यह फ़ाइल उसी दिन वापस कर दी गई थी, साथ ही यह पूछा गया कि क्या इतनी देर से पात्रता मानदंड में बदलाव के बाद 7 दिसंबर को परीक्षा आयोजित करना लॉजिस्टिक रूप से संभव होगा।

Lok Bhavan का कोई जवाब नहीं
उपराज्यपाल ने कहा कि इस संबंध में सवाल उठाने के चार दिन बीत जाने के बावजूद, संबंधित पक्ष से Lok Bhavan को कोई जवाब नहीं मिला। उन्होंने कहा कि इस बीच युवा अभ्यर्थियों की चिंता और उनके कठिन परिश्रम के प्रति उनकी सहानुभूति बनी हुई है। LG ने आश्वस्त किया कि सरकार और आयोग इस मामले में पूरी पारदर्शिता और उत्तरदायित्व के साथ काम कर रहे हैं।
परीक्षा की घोषणा और तारीख
LG मनोज सिन्हा ने यह भी याद दिलाया कि JKPSC द्वारा परीक्षा के लिए विज्ञापन 22 अगस्त 2025 को जारी किया गया था। इसके अलावा परीक्षा की तिथि—7 दिसंबर 2025—की आधिकारिक घोषणा 6 नवंबर 2025 को की गई थी। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अफवाहों पर विश्वास न करें और आधिकारिक स्रोतों से ही जानकारी लें। उन्होंने कहा कि सभी प्रक्रियाएं नियमों के अनुसार पूरी की जा रही हैं और परीक्षार्थियों के हितों का ध्यान रखा जा रहा है।





