जम्मू और कश्मीर

J&K Kupwara से बड़ी खबर, सुरक्षाबलों ने 2 आतंकियों को मार गिराया, इलाके में तलाशी अभियान जारी

J&K Kupwara: जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच ताज़ा एनकाउंटर हुआ है। इस मुठभेड़ में दो आतंकवादी मारे गए और क्षेत्र में तलाशी अभियान जारी है। अधिकारियों ने बताया कि सभी संदिग्ध आतंकवादी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है और आतंकवाद के खिलाफ शून्य सहन नीति लागू की जा रही है। कुपवाड़ा के केरन सेक्टर में यह संयुक्त अभियान चलाया गया। सतर्क सैनिकों ने संदिग्ध गतिविधि देखी और आतंकियों को चुनौती दी, जिसके परिणामस्वरूप दोनों आतंकवादियों को मार गिराया गया।

हाल ही में हुए गिरफ्तारियां और एनकाउंटर

कुछ दिन पहले, श्रीनगर पुलिस ने डलगेट के ममता चौक, कोनाकान क्षेत्र के पास तीन आतंकवादियों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार आतंकवादियों की पहचान शाह मुतैय्यब (कुलिपोरा खanyar), कामरान हसन शाह (कुलिपोरा खanyar), और मोहम्मद नदीम (मेरठ के निवासी, वर्तमान में खanyar के कावा मोहल्ला में) के रूप में की गई। उनके कब्जे से एक देशी कट्टा और नौ जिंदा कारतूस बरामद किए गए। इसके अलावा, इसी महीने किश्तवाड़ जिले के चतरू क्षेत्र में भी सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच एनकाउंटर हुआ, जिसमें एक जवान घायल हुआ।

J&K Kupwara से बड़ी खबर, सुरक्षाबलों ने 2 आतंकियों को मार गिराया, इलाके में तलाशी अभियान जारी

अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी संगठनों की साजिशें

अधिकारियों की जानकारी के अनुसार, नवंबर के पहले सप्ताह में यह रिपोर्ट सामने आई कि पाकिस्तान-आधारित आतंकी संगठन, विशेषकर लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और जैश-ए-मोहम्मद (JeM), जम्मू और कश्मीर में हमले की योजना बना रहे हैं। भारतीय सेना द्वारा शुरू किए गए “ऑपरेशन सिंदूर” मिशन के छह महीने बाद आतंकवादी फिर सक्रिय होने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, सुरक्षा बल पूरी तरह सतर्क हैं और आतंकवादियों के किसी भी कदम का जवाब तेज़ी से दे रहे हैं।

सुरक्षा बलों की सतर्कता और आतंकियों में भय

ऑपरेशन सिंदूर के बाद से जम्मू और कश्मीर में आतंकियों के बीच भय का माहौल है। आतंकवादी किसी भी हमले को अंजाम देने से पहले अत्यंत सावधानी बरत रहे हैं। सुरक्षा बलों की सतर्कता और लगातार कार्रवाई के कारण आतंकवादी सक्रिय रूप से नहीं दिख पा रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि आतंकवादियों के किसी भी गतिविधि को भांपने और समय रहते कार्रवाई करने के लिए फील्ड में जवानों की गश्त बढ़ा दी गई है। इससे क्षेत्र में नागरिकों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने में मदद मिल रही है और आतंकवाद के खिलाफ प्रभावी संदेश भी गया है।

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