North East Science Infrastructure को मिला बड़ा Boost
North East Science Infrastructure: North East में Science Boost
North East Science Infrastructure को मजबूत बनाने के लिए केंद्र सरकार लगातार बड़े कदम उठा रही है। Dr. Jitendra Singh ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में North East में Science & Technology से जुड़ी सुविधाओं का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। Weather Radars, Seismology Network, Soil Testing और NECTAR जैसी आधुनिक परियोजनाओं ने क्षेत्र के विकास को नई गति दी है। उन्होंने यह बातें Shillong में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान कहीं।
यह बातें उन्होंने Shillong स्थित North East Centre for Technology Application and Reach (NECTAR) में आयोजित Department of Science & Technology (DST) की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहीं।
North East Science Infrastructure में Weather Radars का बड़ा विस्तार
Dr. Jitendra Singh ने बताया कि वर्ष 2014 से पहले पूरे North East में केवल 2 Weather Radars थे, जिनमें से सिर्फ एक Meghalaya में मौजूद था। जबकि Cherrapunji दुनिया में सबसे अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में गिना जाता है।
अब पूरे क्षेत्र में 13 Weather Radars स्थापित किए जा चुके हैं।
इसी तरह, Seismological Observatories की संख्या 84 से बढ़कर 171 हो गई है। इसके अलावा Lightning Detection Stations, जो पहले इस क्षेत्र में नहीं थे, अब Meghalaya और Tripura में स्थापित किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से Disaster Preparedness, Disaster Resilience और Technology-based Development को काफी मजबूती मिली है।
Shillong में नई Geo-Informatics Laboratory का उद्घाटन
समीक्षा बैठक के दौरान Dr. Jitendra Singh ने NECTAR की अत्याधुनिक Geo-Informatics Laboratory का उद्घाटन भी किया।
बैठक में विभिन्न DST Institutions के प्रमुखों ने अपने चल रहे Research Projects, Innovation, Technology Transfer और Capacity Building से जुड़े कार्यों की जानकारी दी।
मंत्री ने प्रयोगशालाओं, तकनीकी सुविधाओं का निरीक्षण किया और वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं, छात्रों, किसानों तथा अधिकारियों से बातचीत भी की।
Science का लाभ सीधे आम लोगों तक पहुंचना चाहिए
Dr. Jitendra Singh ने कहा कि विज्ञान और तकनीक का असली उद्देश्य आम नागरिकों का जीवन आसान बनाना होना चाहिए।
उन्होंने NECTAR की सराहना करते हुए कहा कि संस्थान ने Laboratory Innovations को किसानों, युवाओं, उद्यमियों और ग्रामीण समुदायों तक सफलतापूर्वक पहुंचाया है। इससे वैज्ञानिक शोध का लाभ अब जमीनी स्तर तक पहुंच रहा है।
Mobile Food Processing Unit से किसानों को मिलेगा बड़ा फायदा
बैठक के दौरान मंत्री ने NECTAR और CSIR-CFTRI द्वारा विकसित Mobile Food Processing Unit (MPU) का प्रदर्शन भी देखा।
उन्होंने इसे “Processing on Wheels” की अनोखी पहल बताया, जो सीधे किसानों के खेतों तक Food Processing Technology पहुंचाती है।
MPU से किसानों को होंगे ये फायदे
- खेत पर ही कृषि उत्पादों की Value Addition
- छोटे और सीमांत किसानों की आय बढ़ाने में मदद
- बेहतर Food Quality Assurance
- स्थानीय स्तर पर Skill Development
- नए Entrepreneurship Opportunities का निर्माण
उन्होंने कहा कि ऐसी तकनीक किसानों के आत्मविश्वास को बढ़ाती है और कम उत्पादन से भी बेहतर आमदनी का रास्ता खोलती है।
PM-DevINE योजना के तहत Soil Testing को मिली नई ताकत
Dr. Jitendra Singh ने PM-DevINE Programme के तहत स्थापित Vasundhara Soil Organic Carbon Detection Laboratory-cum-Manufacturing Unit की भी सराहना की।
यह तकनीक Bhabha Atomic Research Centre (BARC) से प्राप्त Technology Transfer के माध्यम से विकसित की गई है।
इस सुविधा से किसानों को खेत में ही Accurate Soil Testing और वैज्ञानिक सलाह उपलब्ध होगी।
मंत्री को बताया गया कि अब तक लगभग 2,500 किसानों को Soil Testing Kits वितरित किए जा चुके हैं। भविष्य में इससे पूरे North East का Soil Health Database तैयार करने में भी मदद मिलेगी।
किसानों और ग्रामीण उद्यमिता को मिल रहा Technology का सहारा
Dr. Jitendra Singh ने कहा कि NECTAR आज North East में Technology Implementation की एक महत्वपूर्ण एजेंसी बन चुका है।
संस्थान कई क्षेत्रों में काम कर रहा है, जिनमें शामिल हैं—
- Scientific Organic Agriculture
- Community Seed Banks
- Banana Fibre Value Addition
- Post-Harvest Management
- Food Processing
- Bamboo Technologies
- Natural Fibre Technologies
- Technology Incubation
- Entrepreneurship Promotion
उन्होंने कहा कि इन पहलों से किसानों के समूह मजबूत हो रहे हैं, बाजार तक पहुंच आसान हो रही है और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार व आजीविका के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।





