Justice Sanjeev Kumar to Lead J&K High Court
Justice Arun Palli के Supreme Court जाने के बाद Justice Sanjeev Kumar को सौंपी गई बड़ी जिम्मेदारी
Jammu & Kashmir और Ladakh के न्यायिक क्षेत्र से जुड़ी एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। President of India ने High Court of Jammu & Kashmir and Ladakh के Judge Justice Sanjeev Kumar को High Court के Chief Justice के पद के कार्यों का निर्वहन करने के लिए नियुक्त किया है।
यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब वर्तमान Chief Justice Justice Arun Palli को Supreme Court of India का Judge नियुक्त किया गया है। इस बदलाव के बाद High Court में Chief Justice का पद रिक्त होने पर यह फैसला लिया गया।
Justice Sanjeev Kumar को लेकर राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद अधिसूचना जारी
इस संबंध में जारी आधिकारिक notification के अनुसार, भारत के संविधान के Article 223 के तहत राष्ट्रपति ने अपने अधिकारों का उपयोग करते हुए Justice Sanjeev Kumar को Chief Justice के पद की जिम्मेदारियां संभालने के लिए नियुक्त किया है।
Notification में कहा गया है कि जब किसी High Court के Chief Justice का पद खाली हो जाए या Chief Justice किसी कारणवश अपने कर्तव्यों का पालन न कर सकें, तब Article 223 के तहत कार्यवाहक Chief Justice की नियुक्ति की जा सकती है।
Justice Sanjeev Kumar की नियुक्ति Justice Arun Palli के Supreme Court जाने के बाद हुई
न्यायपालिका में हुए इस महत्वपूर्ण बदलाव के तहत Justice Arun Palli को Supreme Court का Judge नियुक्त किया गया है। उनके उच्चतम न्यायालय में जाने के बाद High Court of Jammu & Kashmir and Ladakh में प्रशासनिक और न्यायिक कार्यों की निरंतरता बनाए रखने के लिए Justice Sanjeev Kumar को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है।
न्यायिक व्यवस्था में अनुभव का मिलेगा लाभ
नए कार्यवाहक Chief Justice लंबे समय से न्यायपालिका से जुड़े हुए हैं और विभिन्न महत्वपूर्ण मामलों में अपनी भूमिका निभा चुके हैं। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि उनके अनुभव का लाभ High Court के प्रशासनिक और न्यायिक कार्यों को मिलेगा।
इस नियुक्ति को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख की न्यायिक व्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में Justice Sanjeev Kumar High Court के Chief Justice के सभी आवश्यक कार्यों का निर्वहन करेंगे।
Article 223 क्या कहता है?
भारत के संविधान का Article 223 यह प्रावधान करता है कि यदि किसी High Court के Chief Justice का पद रिक्त हो जाए या वह अपने कर्तव्यों का पालन करने में असमर्थ हों, तो राष्ट्रपति किसी अन्य Judge को Chief Justice के कार्यों का निर्वहन करने के लिए नियुक्त कर सकते हैं।





