Uri-I Stage-II Project Construction Begins
Mohura, Uri में पहली Blast के साथ 240 MW Hydroelectric Project के निर्माण कार्य की औपचारिक शुरुआत, J&K की बिजली क्षमता को मिलेगा बढ़ावा
Jammu & Kashmir के बिजली क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए 240 MW Uri-I Stage-II Hydroelectric Project के निर्माण कार्य की औपचारिक शुरुआत कर दी गई है। उत्तर कश्मीर के Uri के Mohura क्षेत्र में Adit-3 पर पहली सफल Blast के साथ इस महत्वाकांक्षी Project का Construction Phase शुरू हो गया।
इस मौके पर NHPC के Chairman and Managing Director भी मौजूद रहे। उन्होंने पहली Blast के साथ Project के निर्माण कार्य का आधिकारिक शुभारंभ किया।
Uri-I Stage-II Project से बढ़ेगी बिजली उत्पादन क्षमता
यह Project Baramulla जिले में Jhelum River पर NHPC द्वारा विकसित किया जा रहा है। यह मौजूदा Uri-I Hydroelectric Project का विस्तार है और इसका मुख्य उद्देश्य Jammu & Kashmir की Power Generation Capacity को मजबूत बनाना है।
अधिकारियों के अनुसार, पहली Blast के साथ Project के बड़े Underground Construction Works की शुरुआत हो गई है। यह Project आने वाले वर्षों में क्षेत्र की बिजली जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
Uri-I Stage-II Project से हर साल बनेगी Clean Energy
240 MW क्षमता वाले इस Project में 120 MW की दो Generating Units स्थापित की जाएंगी। अधिकारियों का कहना है कि Underground Powerhouse के माध्यम से यह Project हर साल करीब 932 Million Units Clean Energy का उत्पादन करेगा।
इससे न केवल बिजली उत्पादन बढ़ेगा बल्कि पर्यावरण अनुकूल ऊर्जा को भी बढ़ावा मिलेगा।
J&K की Energy Security को मिलेगा मजबूती
अधिकारियों ने बताया कि यह Project Jammu & Kashmir की विशाल Hydropower Potential का बेहतर उपयोग करने की दिशा में एक अहम कदम है। इससे बाहरी राज्यों से बिजली पर निर्भरता कम करने में भी मदद मिलेगी।
भविष्य की बिजली जरूरतों को पूरा करेगा Project
विशेषज्ञों का मानना है कि Uri-I Stage-II Project क्षेत्र की भविष्य की बिजली आवश्यकताओं को पूरा करने में अहम योगदान देगा। साथ ही यह Project J&K के Energy Infrastructure को मजबूत बनाकर Sustainable Power Generation को भी बढ़ावा देगा।
Uri-I Stage-II Project से विकास को मिलेगी नई रफ्तार
Project के निर्माण कार्य की शुरुआत को विकास के लिहाज से एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। इसके पूरा होने के बाद न केवल बिजली उत्पादन में वृद्धि होगी बल्कि क्षेत्र के आर्थिक विकास और ऊर्जा सुरक्षा को भी मजबूती मिलेगी।





