Women Reservation: 33% quota अभी क्यों नहीं लागू हो रहा?
2023 में बना law अब तक लागू नहीं, census और delimitation बने सबसे बड़े रुकावट; 2034 से पहले उम्मीद कम
Women Reservation 33% quota का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि 2023 में कानून बनने के बावजूद यह अब तक लागू नहीं हो पाया है। देश की लाखों महिलाओं को जिसका इंतजार था, वह reservation अभी भी census और delimitation जैसे processes में फंसा हुआ है।
हाल ही में Constitution (131st Amendment) Bill, 2026 लोकसभा में गिर गया। यह पिछले 12 साल में PM Narendra Modi की सरकार की पहली बड़ी legislative हार मानी जा रही है। इस घटनाक्रम के बाद सबसे बड़ा सवाल उठ रहा है —
आखिर 543 सीटों वाली Lok Sabha में अभी तुरंत 33% reservation क्यों नहीं लागू किया जा सकता?
क्या था सरकार का प्लान?
सरकार का plan था कि Lok Sabha की सीटों को 50% तक बढ़ाकर करीब 816 सीटें कर दिया जाए, जिसे आगे चलकर 850 तक ले जाया जा सकता था।
इसी additional seats में से एक-तिहाई महिलाओं के लिए reserve करने का प्रस्ताव था।
लेकिन Opposition ने इस पर कड़ा विरोध जताया। उनका कहना था कि:
- पुराने census data के आधार पर delimitation करना गलत है
- कई बड़े सवाल अभी भी clear नहीं हैं
- जल्दबाजी में ऐसा बड़ा फैसला नहीं लिया जाना चाहिए
2023 का कानून: लागू क्यों नहीं हो पा रहा?
महिलाओं के लिए 33% reservation कोई नया proposal नहीं है — यह पहले से ही एक कानून है।
Nari Shakti Vandan Adhiniyam को Parliament ने September 2023 में unanimously pass किया था।
16 अप्रैल 2026 को इसे official gazette में notify भी कर दिया गया।
लेकिन इसके बावजूद यह law अभी तक implement नहीं हुआ है।
इसका कारण है इसकी legal condition:
👉 पहले नया Census पूरा होगा
👉 फिर होगा Delimitation (सीटों का पुनर्निर्धारण)
👉 उसके बाद ही लागू होगा women reservation
यानी, यह पूरा process पूरा हुए बिना reservation लागू नहीं किया जा सकता।
कब तक मिलेगा महिलाओं को हक?
Experts के मुताबिक, मौजूदा timeline को देखें तो यह reservation 2034 से पहले लागू होना मुश्किल है।
क्योंकि अभी census process ही शुरू हुआ है।
Opposition का क्या कहना है?
Congress leader Sonia Gandhi ने हाल ही में एक article में साफ कहा कि:
- Opposition ने कभी भी implementation delay की मांग नहीं की
- बल्कि Mallikarjun Kharge ने 2024 Lok Sabha elections से ही इसे लागू करने की मांग की थी
- लेकिन सरकार ने इसे स्वीकार नहीं किया
सार क्या है?
कानून बनने के बावजूद implementation की राह लंबी है।
महिलाओं को 33% reservation देने का वादा अब भी ground पर अधूरा है — और political debate के बीच यह मुद्दा और भी जटिल होता जा रहा है।





