Jammu Permanent Lok Adalat: जम्मू-कश्मीर में लोगों को मिलेगा तेज़ न्याय
Jammu Permanent Lok Adalat के लिए दो केंद्र मंजूर, लोगों को सस्ता और तेज़ Justice मिलेगा
जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए न्याय व्यवस्था से जुड़ी एक बड़ी और राहत देने वाली खबर सामने आई है। Omar Abdullah Government ने Union Territory में पहली बार दो Permanent Lok Adalat स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इनमें एक Jammu और दूसरा Srinagar में बनाया जाएगा।
इस फैसले के लागू होने के बाद लोगों को छोटे और आपसी विवादों के समाधान के लिए लंबे समय तक कोर्ट के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इससे मामलों का निपटारा पहले से अधिक तेज़ और आसान होने की उम्मीद है।
Legal Services Authorities Act के तहत बनेंगे Permanent Lok Adalat
सरकारी सूत्रों के अनुसार, ये दोनों Permanent Lok Adalat Legal Services Authorities Act, 1987 की Section 22-B के तहत स्थापित किए जाएंगे।
सूत्रों ने बताया कि Central Act लागू होने के बाद, जिसमें Permanent Lok Adalat बनाने का प्रावधान है, Law, Justice and Parliamentary Affairs Department ने इस विषय पर Jammu, Kashmir and Ladakh High Court से चर्चा की।
High Court ने शुरुआत में चार Permanent Lok Adalat स्थापित करने का सुझाव दिया था। हालांकि, फिलहाल सरकार ने पहले चरण में Jammu और Srinagar में एक-एक Permanent Lok Adalat बनाने को मंजूरी दी है।
District Judge करेंगे Permanent Lok Adalat की अध्यक्षता
सरकार के प्रस्ताव के अनुसार, दोनों Permanent Lok Adalat की अध्यक्षता District Judge स्तर के अधिकारी करेंगे।
अभी तक जम्मू-कश्मीर में समय-समय पर विशेष Lok Adalat आयोजित की जाती थीं, जहां लंबित मामलों का निपटारा किया जाता था। लेकिन अब Permanent Lok Adalat बनने के बाद यह व्यवस्था स्थायी रूप से उपलब्ध रहेगी।
LG Manoj Sinha की मंजूरी के बाद होगा अंतिम फैसला
सरकार ने मंजूर किया गया प्रस्ताव अब Lieutenant Governor Manoj Sinha के पास अंतिम स्वीकृति के लिए भेज दिया है।
जैसे ही LG की मंजूरी मिलेगी, जम्मू-कश्मीर में पहली बार Permanent Lok Adalat स्थापित करने की प्रक्रिया आधिकारिक रूप से शुरू हो जाएगी।
Permanent Lok Adalat से लोगों को क्या फायदा होगा?
Permanent Lok Adalat का मुख्य उद्देश्य लोगों को कम खर्च में, जल्दी और आपसी सहमति से न्याय उपलब्ध कराना है।
इसके प्रमुख लाभ इस प्रकार हैं:
- लंबित मामलों का तेज़ निपटारा होगा।
- Court में जाने से पहले भी विवादों का समाधान किया जा सकेगा।
- मुकदमों का खर्च कम होगा।
- Court पर मामलों का बोझ घटेगा।
- समझौते और आपसी सहमति के आधार पर विवाद सुलझाए जाएंगे।
इस व्यवस्था से आम नागरिकों को न्याय प्राप्त करने की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक सरल और सुविधाजनक बनेगी।
High Court के लिए दो Additional Judges की तैयारी
सरकार ने Jammu Kashmir and Ladakh High Court में नियुक्त किए जाने वाले दो Additional Judges के लिए 30 नए पद बनाने की भी मंजूरी दी है।
इन पदों में अलग-अलग कैटेगरी के अधिकारी और कर्मचारी शामिल होंगे, जो नए Judges के साथ कार्य करेंगे।
2024 में बढ़ाई गई थी High Court Judges की संख्या
गौरतलब है कि November 2024 में Union Ministry of Law and Justice ने Chief Justice of India से परामर्श के बाद Jammu Kashmir and Ladakh High Court में Judges की स्वीकृत संख्या 17 से बढ़ाकर 25 कर दी थी।
नई व्यवस्था के अनुसार High Court में अब:
- 19 Permanent Judges
- 6 Additional Judges
की व्यवस्था की गई है। इसका उद्देश्य High Court में लंबित मामलों की संख्या कम करना और न्याय प्रक्रिया को तेज़ बनाना है।
Finance Department ने भी दी मंजूरी
सूत्रों के मुताबिक, Finance Department ने दो Additional Judges के लिए आवश्यक पदों के निर्माण को मंजूरी दे दी है।
भविष्य में यदि High Court में और Judges नियुक्त किए जाते हैं तो उनके लिए भी आवश्यक पद चरणबद्ध तरीके से बनाए जाएंगे। संबंधित विभाग द्वारा Notification जारी होने के बाद इन पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
लोगों को मिलेगा तेज़ और आसान न्याय
Permanent Lok Adalat की स्थापना से जम्मू-कश्मीर में न्याय व्यवस्था को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है। इससे लोगों को छोटे विवादों के समाधान के लिए लंबी कानूनी प्रक्रिया से राहत मिलेगी और Court में लंबित मामलों का बोझ भी कम होगा।





