CIC RTI Ruling: “Public Importance” कहने से नहीं मिलेगी हर जानकारी
J&K Education Sector से जुड़े मामले में CIC ने कहा- RTI का इस्तेमाल ऐसा न हो जिससे सरकारी कामकाज प्रभावित हो
CIC RTI Ruling में आयोग की बड़ी टिप्पणी
Central Information Commission ने RTI Applications को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है। आयोग ने कहा कि सिर्फ किसी जानकारी को “Public Importance” बताने से हर जानकारी देना जरूरी नहीं हो जाता।
आयोग ने साफ कहा कि RTI नागरिकों का अहम अधिकार है, लेकिन सरकारी दफ्तरों के सामान्य कामकाज और Public Resources का भी ध्यान रखना जरूरी है। CIC RTI Ruling में आयोग ने प्रशासनिक संतुलन बनाए रखने पर जोर दिया।
CIC RTI Ruling के दौरान आयोग ने कहा कि ज्यादा और व्यापक RTI Requests से सरकारी विभागों के नियमित कामकाज पर असर पड़ सकता है।
J&K Education Sector से जुड़ा था पूरा मामला
स्कूलों से जुड़ी कई जानकारियां मांगी गई थीं
यह मामला Directorate of School Education Kashmir (DSEK) से जुड़ा था।
RTI Application में Kashmir Division के Government Schools से जुड़ी बड़ी मात्रा में जानकारी मांगी गई थी। इसमें Teacher Shortage, School Buildings, Scholarship Schemes, Private Schools की Monitoring, Student-Teacher Ratio और Budget Use जैसी जानकारियां शामिल थीं।
यह जानकारी करीब छह साल की अवधि की मांगी गई थी।
विभाग ने कुछ जानकारी दी, लेकिन पूरा जवाब नहीं मिला
शिकायत के बाद मामला आगे बढ़ा
CPIO की तरफ से कुछ जानकारी उपलब्ध कराई गई। बाकी जानकारी अलग-अलग Chief Education Officers से मांगी गई थी।
लेकिन Applicant ने आरोप लगाया कि पूरी जानकारी नहीं दी गई। इसके बाद मामला First Appeal में गया। First Appellate Authority (FAA) ने बाकी अधिकारियों को बिना कोई फीस लिए जानकारी देने के निर्देश दिए।
इसके बावजूद पूरी जानकारी नहीं मिलने पर मामला CIC तक पहुंच गया।
CIC ने कहा- इतनी बड़ी जानकारी जुटाना आसान नहीं
ज्यादा RTI Requests से कामकाज प्रभावित हो सकता है
CIC ने कहा कि इतनी बड़ी मात्रा में रिकॉर्ड इकट्ठा करना आसान नहीं है।
आयोग के अनुसार अगर पूरा विभाग सिर्फ Information जुटाने में लग जाए तो सामान्य प्रशासनिक काम प्रभावित हो सकते हैं। आयोग ने RTI Act की Section 7(9) का भी जिक्र किया।
CIC ने कहा कि RTI का इस्तेमाल ऐसा नहीं होना चाहिए जिससे सरकारी दफ्तरों का नियमित काम रुक जाए।
Supreme Court के फैसले का भी दिया गया हवाला
RTI जरूरी है, लेकिन संतुलन भी जरूरी
CIC ने Supreme Court के पुराने फैसले CBSE vs Aditya Bandhopadhyay का जिक्र किया।
आयोग ने कहा कि RTI भ्रष्टाचार रोकने और जवाबदेही तय करने के लिए जरूरी है, लेकिन इसका गलत इस्तेमाल नहीं होना चाहिए।
Supreme Court की टिप्पणी का हवाला देते हुए आयोग ने कहा कि ऐसी स्थिति नहीं आनी चाहिए जहां सरकारी कर्मचारी अपना ज्यादातर समय सिर्फ जानकारी देने में ही बिताएं।
Chief Education Officers को दिए गए निर्देश
तय समय में जानकारी देने को कहा गया
CIC ने DSEK को आदेश दिया कि यह फैसला सभी संबंधित Chief Education Officers तक पहुंचाया जाए।
आयोग ने कहा कि जिन अधिकारियों ने अब तक जानकारी नहीं दी है, वे तय समय सीमा के भीतर FAA के आदेश का पालन करें।





