जम्मू और कश्मीर

Privilege Committee Meeting: J&K Assembly की सख्त कार्रवाई

Privilege Committee Meeting में दो Breach of Privilege मामलों की सुनवाई, अधिकारियों को Supplementary Reply दाखिल करने के निर्देश

Srinagar, July 09: Privilege Committee Meeting के दौरान Jammu and Kashmir Legislative Assembly की Committee on Privileges ने दो कथित Breach of Privilege मामलों की समीक्षा की। Justice (Retd.) Hasnain Masoodi की अध्यक्षता में हुई बैठक में दोनों संबंधित अधिकारियों को Supplementary Written Reply दाखिल करने का निर्देश दिया गया।

दो अलग-अलग मामलों पर हुई सुनवाई

बैठक में MLA Ali Mohammad Dar द्वारा Sub-Divisional Magistrate (SDM), Chadoora, Budgam के खिलाफ तथा MLA Mian Mehar Ali द्वारा तत्कालीन Assistant Commissioner Development (ACD), Ganderbal के खिलाफ दिए गए Breach of Privilege Notices पर विचार किया गया।

दोनों अधिकारियों को समिति के समक्ष अलग-अलग पेश होकर अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया गया।

MGNREGA Works को लेकर भी हुई चर्चा

Privilege Committee Meeting के दौरान तत्कालीन Assistant Commissioner Development, Ganderbal ने बताया कि मामला MGNREGA Scheme के तहत विकास कार्यों की सूची तैयार करने से जुड़ा था। उन्होंने कहा कि कुछ अनुशंसित कार्य सूची में शामिल नहीं हो सके और इस संबंध में अपना पक्ष समिति के सामने रखा।

समिति ने इस आरोप को गंभीरता से लिया कि अधिकारी ने विधायक के Telephone Calls का समय पर जवाब नहीं दिया।

MLAs के सम्मान पर समिति ने जताई चिंता

समिति ने कहा कि Members of Legislative Assembly (MLAs) जनता के निर्वाचित प्रतिनिधि हैं और उन्हें सरकारी अधिकारियों की ओर से पूरा सम्मान तथा समय पर जवाब मिलना चाहिए, ताकि वे अपनी जिम्मेदारियां प्रभावी ढंग से निभा सकें।

अधिकारी ने जवाब में कहा कि उन्होंने हमेशा विधायक के संदेशों का उत्तर देने का प्रयास किया और यदि किसी अवसर पर ऐसा नहीं हो पाया तो इसके लिए खेद व्यक्त किया।

SDM Chadoora मामले में भी मांगा गया जवाब

समिति ने SDM Chadoora, Budgam से जुड़े मामले की भी सुनवाई की।

अधिकारी के बयान सुनने के बाद समिति ने कथित व्यवहार पर नाराजगी जताई और कहा कि सरकार पहले ही अधिकारियों को MLAs के प्रति सम्मानजनक व्यवहार बनाए रखने के निर्देश दे चुकी है। ऐसे मामले प्रशासन की कार्यप्रणाली पर नकारात्मक प्रभाव डालते हैं।

समिति ने अधिकारी को अंतिम अवसर देते हुए Supplementary Written Reply दाखिल करने का निर्देश दिया। इसके बाद अगली बैठक में मामले पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

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