Kathua Missing Girls मामलों से बढ़ी चिंता, हर महीने लापता हो रहीं युवतियां
Billawar समेत Kathua के कई इलाकों से लगातार सामने आ रहे युवतियों और महिलाओं के लापता होने के मामले, परिवारों में बढ़ी चिंता
Kathua Missing Girls के बढ़ते मामलों ने पूरे जिले में चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। पिछले एक साल से अधिक समय से Kathua जिले के विभिन्न इलाकों से हर महीने कई युवतियों और महिलाओं के लापता होने की खबरें सामने आ रही हैं। सबसे अधिक मामले Billawar Tehsil से सामने आए हैं, जिससे स्थानीय लोगों और परिवारों की चिंता लगातार बढ़ रही है।
समाज के अलग-अलग वर्ग इन घटनाओं को लेकर अलग-अलग राय रख रहे हैं, लेकिन एक बात पर सभी सहमत हैं कि यह मामला गंभीर है और इस पर तत्काल ध्यान देने की जरूरत है।
Kathua Missing Girls सूची में लगातार जुड़ रहे नए नाम
हाल ही में 18 वर्षीय तंशिका कट्टल, निवासी चक सरदार देसा सिंह, 20 मई 2026 को अपने घर से लापता हो गई थीं। उनके पिता ने Police Station Kathua में शिकायत दर्ज करवाई।
इसी तरह Billawar की रहने वाली 32 वर्षीय नेहा राजपूत और Basohli की 34 वर्षीय पिंकी भी अपने घरों से लापता हो गईं। इन मामलों में परिवारों द्वारा पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के बाद Look Out Notices (LON) भी जारी किए गए।
कई मामलों में अब तक नहीं मिला कोई सुराग
3 मई को Billawar के निवासी सुदेश कुमार ने अपनी 20 वर्षीय बेटी सुनीता देवी के लापता होने की शिकायत दर्ज करवाई थी। परिवार और पुलिस द्वारा काफी प्रयास किए गए, लेकिन अब तक उसका कोई पता नहीं चल पाया है।
इसके बाद पुलिस ने अखबारों में Look Out Notice प्रकाशित कर आम लोगों से जानकारी साझा करने की अपील की।
Billawar क्षेत्र से सबसे ज्यादा सामने आ रहे मामले
स्थानीय लोगों का कहना है कि Billawar और आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों से लगातार युवतियों के लापता होने के मामले सामने आ रहे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार हर महीने 6 से 7 नए मामले दर्ज हो रहे हैं।
इन मामलों में किसी एक समुदाय की महिलाएं या लड़कियां शामिल नहीं हैं। Kathua के विभिन्न क्षेत्रों से अलग-अलग समुदायों की युवतियों के लापता होने की घटनाएं सामने आई हैं।
कई परिवार अब भी कर रहे हैं इंतजार
जम्मा, करिश्मा देवी, जूलिया कुमारी, आशा देवी, सपना देवी और नीलम कुमारी सहित कई महिलाओं और युवतियों के नाम भी उन मामलों में शामिल हैं जिनकी तलाश अब भी जारी है।
हालांकि पुलिस सूत्रों का कहना है कि कई मामलों में लापता लड़कियों को खोजकर उनके परिवारों से मिलवा दिया गया है, लेकिन कई केस अब भी अनसुलझे बने हुए हैं।
Kathua Missing Girls मामलों पर उठ रहे सवाल
इस मुद्दे पर Senior Superintendent of Police (SSP) Kathua से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका पक्ष नहीं मिल सका।
वहीं Billawar के MLA सतीश कुमार शर्मा ने कहा कि उनके पास इस विषय की पूरी जानकारी नहीं है। उन्होंने माना कि पहाड़ी क्षेत्रों में कई तरह की चुनौतियां होती हैं।
कुछ स्थानीय लोगों का मानना है कि पहाड़ी इलाकों की भोली-भाली लड़कियों को असामाजिक तत्व अपने जाल में फंसा सकते हैं। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
परिवारों की बढ़ती चिंता बनी बड़ी चुनौती
लगातार सामने आ रहे Kathua Missing Girls मामलों ने कई परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। लोग चाहते हैं कि प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां इस मुद्दे पर विशेष ध्यान दें ताकि लापता महिलाओं और युवतियों का जल्द पता लगाया जा सके और ऐसे मामलों पर रोक लग सके।





