Kashmir Weather Update: जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी इलाकों में सर्दी ने पकड़ी रफ्तार, तापमान गिरकर बना शून्य से नीचे

Kashmir Weather Update: कश्मीर घाटी के पहाड़ी जिलों में ठंड ने जोर पकड़ लिया है। तापमान शून्य से नीचे पहुंच गया है जिससे लोगों की सुबह और शाम की दिनचर्या प्रभावित हो रही है। जम्मू क्षेत्र के भी पहाड़ी इलाकों में तापमान में गिरावट आई है, जिसके कारण शाम को ठंड काफी तेज हो गई है। मौसम विभाग के अनुसार, यह ठंड का दौर दिसम्बर के पहले सप्ताह तक जारी रहेगा और आसमान साफ रहेगा।
जम्मू में तापमान के आंकड़े और ठंड का आलम
मंगलवार को जम्मू में अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहा जबकि न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि पहाड़ी इलाकों में स्थिति और भी गंभीर है। बतोटे में न्यूनतम तापमान 4.8 डिग्री, कठुआ में 9.1 डिग्री, भदेरवाह में 0.4 डिग्री, मारिपुर में 6 डिग्री दर्ज किया गया। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि पहाड़ों में ठंड का प्रकोप बढ़ चुका है और लोग अतिरिक्त सावधानी बरत रहे हैं।

कश्मीर के मुख्य पर्यटन स्थलों पर भी शून्य से नीचे का तापमान
कश्मीर घाटी के प्रमुख हिल स्टेशन और पर्यटन स्थल जैसे अनंतनाग, श्रीनगर, गुलमर्ग, सोनमर्ग और पहलगाम में भी तापमान शून्य से नीचे पहुंच गया है। इन जगहों पर ठंड ने अपना साया फैला दिया है। यहाँ के निवासियों और पर्यटकों को ठंड के कारण कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सुबह-शाम की ठंड और तेज हवाएं ठिठुरन बढ़ा रही हैं।
मौसम विभाग की भविष्यवाणी और साफ आसमान
मौसम केंद्र के निदेशक मुख्तार अहमद ने बताया कि 1 दिसम्बर तक आसमान साफ रहेगा और मौसम सामान्य रहेगा। हालांकि सुबह और शाम को ठंड अपने चरम पर रहेगी। तेज ठंडी हवाओं के कारण लोगों को खासकर बुजुर्गों और बच्चों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। उन्होंने कहा कि फिलहाल बारिश या बर्फबारी की कोई संभावना नहीं है जिससे यात्रियों और किसानों को राहत मिली है।
ठंड से निपटने के लिए तैयारियां जरूरी
ठंड के इस दौर में लोगों को अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना होगा। घरों में हीटिंग उपकरणों का इस्तेमाल बढ़ जाएगा और गर्म कपड़ों की जरूरत पड़ेगी। स्वास्थ्य विभाग ने सर्दी से जुड़ी बीमारियों जैसे सर्दी-खांसी और फेफड़ों की समस्याओं से बचाव के लिए सावधानी बरतने की हिदायत दी है। इसके अलावा, प्रशासन ने भी ठंड प्रभावित इलाकों में आवश्यक सुविधाएं बढ़ाने की तैयारी कर ली है ताकि लोगों को किसी तरह की कठिनाई न हो।





