जम्मू और कश्मीर

Maharaja Gulab Singh Anniversary Akhnoor Celebration

Jia Pota Ghat में भव्य कार्यक्रम, Dogra culture और heritage की दिखी झलक

Maharaja Gulab Singh Anniversary: Akhnoor Jia Pota Ghat Celebration

अखनूर के ऐतिहासिक Jia Pota Ghat में Maharaja Gulab Singh की Coronation Anniversary बड़े उत्साह के साथ मनाई गई। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। इसके साथ ही, लोगों को पुराने समय के गौरवशाली इतिहास को करीब से देखने का मौका मिला।

वहीं, पूरे कार्यक्रम के दौरान खुशी और उत्साह का माहौल देखने को मिला। लोगों ने Dogra culture और अपनी विरासत को फिर से महसूस किया।

हाथी, घोड़े और झांकियां बनीं खास Attraction

कार्यक्रम में कई आकर्षक झांकियां दिखाई गईं। सजाए गए हाथी, घोड़े और ऊंट लोगों के लिए खास Attraction बने। इन्हें देखने के लिए लोगों में काफी उत्साह नजर आया।

इसके अलावा, यह झांकियां पुराने राजसी दौर को दिखा रही थीं। इससे लोगों को इतिहास की यादें फिर ताजा हो गईं।

मुख्य अतिथि MLA Mohan Lal Bhagat और MLA Devyani Rana भी मौजूद रहे। उन्होंने इस मौके को खास बताया।

Morning और Evening Session में हुआ आयोजन

इस कार्यक्रम का आयोजन Raj Tilak Celebration Committee और Gurudwara Prabandak Committee Akhnoor ने मिलकर किया।

इस बार कार्यक्रम को दो हिस्सों में बांटा गया। पहला Session सुबह हुआ। वहीं, दूसरा Session शाम को रखा गया। इसके साथ ही, दोनों समय लोगों की अच्छी भीड़ देखने को मिली।

इसके बाद बाहर से आए धार्मिक विद्वानों ने लोगों को संबोधित किया। उन्होंने Maharaja Gulab Singh और Maharaja Ranjit Singh के योगदान पर रोशनी डाली।

Folk Music और Religious Program ने बांधा समां

कार्यक्रम की शुरुआत धार्मिक प्रार्थना से हुई। इसके बाद राजतिलक स्थल पर पारंपरिक रस्में निभाई गईं।

साथ ही, अखनूर की प्रसिद्ध Pahari Folk Singer Aasha Kesar और उनकी टीम ने शानदार Performance दी। उनके लोक गीतों ने पूरे माहौल को और भी खास बना दिया।

Jia Pota को Jammu Tourism Circuit से जोड़ने की मांग

कार्यक्रम के दौरान MLA Mohan Lal Bhagat ने एक महत्वपूर्ण सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि Jia Pota को Jammu Tourism Circuit से जोड़ा जाना चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि इससे अखनूर के ऐतिहासिक स्थानों को नई पहचान मिलेगी। साथ ही, इलाके में Tourism को भी बढ़ावा मिलेगा।

अंत में कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। यह आयोजन सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि यह लोगों को अपने इतिहास और Dogra heritage से जोड़ने का एक खास अवसर भी बना।

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