Jammu-Kashmir फायरमैन भर्ती घोटाले में बड़े नाम फंसे, एसीबी की कार्रवाई ने मचाई हलचल

Jammu-Kashmir के गृह विभाग और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) फायरमैन एवं फायरमैन ड्राइवर भर्ती में हुई अनियमितताओं पर तेज़ी से कार्रवाई कर रहे हैं। इस कदम की व्यापक सराहना की जा रही है, क्योंकि इससे हजारों युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले तंत्र पर सख्त प्रहार हुआ है। जानकारी के अनुसार, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इस घोटाले में शामिल कंपनियों और व्यक्तियों के खिलाफ कठोर निर्णय लेते हुए उन्हें ब्लैकलिस्ट कर दिया है।
एंटी करप्शन ब्यूरो ने M/s LMES IT LLP और इसके प्रमुख श्री एम.के. वाली के खिलाफ आरोपों की जांच की। जांच में प्रारंभिक सत्यापन के बाद ACB ने पुलिस स्टेशन एंटी करप्शन ब्यूरो, सेंट्रल जम्मू में FIR नंबर 01/2025 दर्ज किया। इस जांच में यह स्पष्ट हुआ कि चयन प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएँ हुईं और निजी कंपनी एवं संबंधित व्यक्ति की भूमिका संदिग्ध पाई गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए गृह विभाग ने 27 जून 2025 और 16 सितंबर 2025 को जारी कार्यालय ज्ञापनों के माध्यम से M/s LMES IT LLP और श्री एम.के. वाली को जनरल फाइनेंशियल रूल्स (GFR) 2017 के नियम 151 के तहत ब्लैकलिस्ट करने की संस्तुति की। इन सिफारिशों को सक्षम प्राधिकारी के समक्ष रखा गया, जिसके बाद उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने दोनों को जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश में भविष्य में होने वाली किसी भी भर्ती-सम्बंधित निविदा प्रक्रिया से प्रतिबंधित करने की मंजूरी प्रदान की।
आगे और बड़ी कार्रवाई की संभावना
सूत्रों के मुताबिक, नवंबर महीने में ACB द्वारा जमा की गई दो मजबूत रिपोर्टों के आधार पर गृह विभाग अब और कड़ी कार्रवाई के मूड में है। ऐसे अधिकारी, कर्मचारी और लाभार्थी जिनकी भूमिका इस अवैध चयन घोटाले में रही है, उन पर भी कड़ी अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई की अनुशंसा की जा सकती है। माना जा रहा है कि यह कदम उन सभी के खिलाफ सख्त संदेश है जिन्होंने योग्य उम्मीदवारों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया और पूरे भर्ती तंत्र की विश्वसनीयता को नुकसान पहुँचाया।





