JK Corruption Cases: 8 अधिकारियों पर Prosecution को मंजूरी
JK Corruption Cases में Jammu & Kashmir Government का बड़ा Action, 8 Officers पर Prosecution Sanction Approved
JK Corruption Cases में Jammu & Kashmir Government ने बड़ा कदम उठाते हुए July 2026 तक विभिन्न Corruption Cases में शामिल 8 अधिकारियों के खिलाफ Prosecution Sanction को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद संबंधित मामलों में जांच एजेंसियां अब कानूनी कार्रवाई को आगे बढ़ा सकेंगी। सरकार का कहना है कि भ्रष्टाचार के मामलों में Zero Tolerance Policy के तहत कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
किन अधिकारियों के खिलाफ मिली Prosecution Sanction?
सरकार द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, अलग-अलग मामलों में निम्न अधिकारियों के खिलाफ अभियोजन की अनुमति दी गई है—
- Abdul Rashid Khan, तत्कालीन GRS, BDO Office Arin, Bandipora – Bribe Acceptance के आरोप में। यह मामला Case No. 05/2024, P/S ACB Baramulla से जुड़ा है। इसके लिए G.O No. 01-JK-GAD(Vig) of 2026 (09 जनवरी 2026) जारी किया गया।
- Mansoor Rahim Ganie, तत्कालीन Forester, Forest Range Office Watergam, Rafabad – Bribe Acceptance के मामले में। यह Case No. 01/2024, P/S ACB Baramulla से संबंधित है। आदेश G.O No. 02-JK-GAD(Vig) of 2026 (16 जनवरी 2026) के तहत जारी हुआ।
- Mohammad Shafi Bhat, तत्कालीन Senior Assistant (Cashier), KPDCL STD Sopore – रिश्वत लेने के आरोप में। यह मामला Case No. 09/2024, P/S ACB Baramulla से जुड़ा है। इसके लिए G.O No. 03-JK-GAD(Vig) of 2026 (21 जनवरी 2026) जारी किया गया।
- Showkat Hussain Hamdani, तत्कालीन Ward Officer, Srinagar Municipal Corporation (SMC) – Official Position Misuse के आरोप में। यह Case No. 11/2020, P/S ACB Srinagar से संबंधित है। इसके लिए G.O No. 04-JK-GAD(Vig) of 2026 (22 जनवरी 2026) जारी किया गया।
- इसी मामले में Mudasir Hussain Banday, तत्कालीन Chief Enforcement Officer, SMC Srinagar के खिलाफ भी Prosecution Sanction प्रदान की गई है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी रहेगी सख्त कार्रवाई
सरकार ने स्पष्ट किया है कि JK Corruption Cases में किसी भी अधिकारी को कानून से ऊपर नहीं माना जाएगा। Anti Corruption Bureau (ACB) द्वारा जांच पूरी होने के बाद जिन मामलों में पर्याप्त साक्ष्य मिले हैं, उनमें Prosecution Sanction दी जा रही है ताकि अदालत में मुकदमा चलाया जा सके।
सरकार का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई से सरकारी विभागों में पारदर्शिता बढ़ेगी, जवाबदेही मजबूत होगी और भ्रष्टाचार पर प्रभावी रोक लगाने में मदद मिलेगी। आने वाले समय में अन्य लंबित मामलों में भी इसी प्रकार की कार्रवाई की जा सकती है।





