JK Reorganisation Bill: JPC ने Draft Report पर फैसला टाला
JK Reorganisation Bill पर JPC ने Stakeholders से और चर्चा के बाद अंतिम Report देने का फैसला किया
New Delhi: JK Reorganisation Bill को लेकर बनी Joint Parliamentary Committee (JPC) ने अपनी Draft Report को फिलहाल मंजूरी नहीं दी है। JK Reorganisation Bill और इससे जुड़े अन्य विधेयकों पर अंतिम फैसला लेने से पहले समिति ने सभी संबंधित Stakeholders से और चर्चा करने का निर्णय लिया है।
किन तीन Bills पर हो रही है चर्चा?
JPC जिन तीन महत्वपूर्ण Bills की समीक्षा कर रही है, उनमें शामिल हैं—
- Constitution (130th Amendment) Bill, 2025
- Jammu and Kashmir Reorganisation (Amendment) Bill, 2025
- Government of Union Territories (Amendment) Bill, 2025
इन विधेयकों का उद्देश्य Jammu & Kashmir, Delhi और Puducherry जैसे Union Territories में लागू कुछ कानूनी प्रावधानों में बदलाव करना है।
CM और Ministers की गिरफ्तारी को लेकर क्या है प्रस्ताव?
प्रस्तावित संशोधन के अनुसार वर्तमान Government of Union Territories Act, 1963 में ऐसा कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है, जिसके तहत किसी Chief Minister या Minister को गंभीर आपराधिक मामले में 30 दिनों तक न्यायिक हिरासत में रहने पर पद से हटाया जा सके।
JPC के सामने रखे गए प्रस्ताव में सुझाव दिया गया है कि—
- यदि Prime Minister, Chief Minister या कोई Minister गंभीर आपराधिक मामले में लगातार 30 दिन हिरासत में रहता है तो उसे पद से Suspend किया जा सकता है।
- कानूनी प्रक्रिया पूरी होने तक यह Suspension लागू रहेगा।
- यदि संबंधित व्यक्ति अदालत से बरी हो जाता है या मुकदमा आगे नहीं बढ़ता, तो उसे दोबारा पद पर बहाल करने का प्रावधान भी रखा जाए।
- “Serious Criminal Offence” की स्पष्ट परिभाषा तय की जाए, जिसमें 5 वर्ष या उससे अधिक की सजा वाले अपराध शामिल हों।
JPC ने क्यों टाली Report की मंजूरी?
बैठक के बाद Aprajita Sarangi ने बताया कि समिति के सभी सदस्यों की राय थी कि अंतिम रिपोर्ट से पहले और अधिक विचार-विमर्श जरूरी है।
उन्होंने कहा कि Draft Report में पांच प्रमुख सिफारिशें रखी गई थीं, लेकिन चर्चा के दौरान सभी सदस्यों ने महसूस किया कि विभिन्न Stakeholders से राय लेने के बाद ही अंतिम रिपोर्ट तैयार की जानी चाहिए।
इसी वजह से समिति ने फिलहाल रिपोर्ट को मंजूरी नहीं दी।
Jammu & Kashmir पर क्या होगा असर?
Jammu & Kashmir उन तीन Union Territories में शामिल है, जहां Legislative Assembly मौजूद है।
राज्य से जुड़े प्रमुख तथ्य—
- J&K Assembly में कुल 90 निर्वाचित सदस्य हैं।
- पांच Nominated MLAs का प्रावधान है।
- इनमें 2 महिलाएं, 2 Kashmiri Pandits (जिनमें एक महिला) और 1 PoJK Refugee शामिल हो सकते हैं।
- अब तक इन सदस्यों का नामांकन नहीं किया गया है।
- सरकार में Chief Minister सहित अधिकतम 9 Ministers हो सकते हैं।
High-Level नेताओं के मामलों में Fast-Track Courts की सिफारिश
JPC ने अपनी प्रारंभिक सिफारिशों में यह भी सुझाव दिया है कि Prime Minister, Chief Ministers और अन्य उच्च संवैधानिक पदों से जुड़े गंभीर मामलों की सुनवाई Fast-Track या Special Courts में की जाए।
समिति का मानना है कि इससे मामलों का जल्द निपटारा होगा और शासन व्यवस्था भी प्रभावित नहीं होगी। प्रस्तावित कानून का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि गंभीर मामलों में सरकार का संचालन जेल से न हो।





