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Litchi Cultivation Jammu: किसानों की बढ़ी कमाई

HDP तकनीक और सरकारी सहायता से जम्मू में तेजी से बढ़ रही लीची की खेती

Litchi Cultivation Jammu के तहत जम्मू क्षेत्र के किसान अब तेजी से लीची की खेती की ओर बढ़ रहे हैं। High-Density Plantation (HDP) तकनीक अपनाने से किसानों को बेहतर उत्पादन और अधिक आय मिलने लगी है। बागवानी विभाग के अनुसार एक कनाल जमीन से किसान सालाना लगभग 24,000 से 30,000 रुपये तक कमा सकते हैं।

इसी वजह से जम्मू के कई किसान पारंपरिक खेती छोड़कर बागवानी फसलों को अपनाने लगे हैं। खासकर लीची की खेती किसानों के बीच काफी लोकप्रिय हो रही है।

Litchi Cultivation Jammu में बढ़ रही किसानों की रुचि

बागवानी निदेशक जम्मू गुल सैयद ने बताया कि HDP Programme के तहत किसान बड़ी संख्या में लीची के बाग लगा रहे हैं। साथ ही, जम्मू-कश्मीर प्रशासन आने वाले वर्षों में 3,200 से अधिक कनाल पारंपरिक लीची बागों को High-Density Plantation में बदलने का लक्ष्य लेकर चल रहा है।

उन्होंने कहा कि लीची न केवल अच्छी कमाई का जरिया है बल्कि पोषण के लिहाज से भी काफी फायदेमंद फल माना जाता है।

Litchi Cultivation Jammu को मिल रहा सरकारी सहयोग

गुल सैयद ने बताया कि किसानों को सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत सहायता दी जा रही है। इसके अलावा, लीची और अन्य फलों की Marketing में भी प्रशासन सहयोग कर रहा है।

उन्होंने कहा कि Lieutenant Governor मनोज सिन्हा ने भी उन प्रगतिशील किसानों की सराहना की है जो छोटे और सीमांत किसानों को बागवानी फसलों की ओर प्रेरित कर रहे हैं।

HDP तकनीक से बढ़ रहा उत्पादन

बागवानी विभाग किसानों को High-Density Plantation तकनीक अपनाने के लिए 50 प्रतिशत तक Subsidy दे रहा है।

वहीं, इस सहायता के कारण कई किसानों ने बड़े पैमाने पर लीची के बाग स्थापित किए हैं। विभाग का मानना है कि HDP तकनीक से कम जमीन में ज्यादा उत्पादन लिया जा सकता है।

पोषण से भरपूर है लीची

विशेषज्ञों के अनुसार लीची में Carbohydrates, Natural Sugars, Vitamin C, Potassium और कई जरूरी Micronutrients पाए जाते हैं।

साथ ही, इसमें Antioxidants भी मौजूद होते हैं जो स्वास्थ्य के लिए लाभदायक माने जाते हैं। अधिकारियों का कहना है कि एक लीची फल शरीर की रोजाना Vitamin C की जरूरत का लगभग 9 प्रतिशत हिस्सा पूरा कर सकता है।

सिंचाई वाले क्षेत्रों में मिल रहे बेहतर परिणाम

गुल सैयद ने बताया कि लीची की खेती उन क्षेत्रों में ज्यादा सफल होती है जहां पर्याप्त सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो।

इसलिए, किसानों को ऐसे इलाकों में लीची लगाने की सलाह दी जा रही है जहां पानी की कमी न हो। Marh और RS Pura जैसे क्षेत्रों में लीची के बागों का तेजी से विस्तार देखा जा रहा है।

किसानों को दिया जा रहा प्रशिक्षण

बागवानी विभाग किसानों के लिए Training Programmes भी आयोजित कर रहा है। इन कार्यक्रमों में Scientific Cultivation, Orchard Management, Pruning और HDP Techniques की जानकारी दी जाती है।

इसके अलावा, किसानों को Quality Planting Material और तकनीकी मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया जा रहा है। विभाग का उद्देश्य बागवानी क्षेत्र को मजबूत बनाना और किसानों की आय बढ़ाना है।

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