यहाँ SDRF जम्मू के 14वें स्थापना दिवस (Raising Day) पर आधारित मानवीय संवेदनाओं से भरा और SEO फ्रेंडली लेख दिया गया है:
जब ज़िंदगी दांव पर हो, तो ये 'Devdoot' आते हैं: SDRF Jammu के 14 Years का सेवा सफर
जम्मू के Gulshan Ground में आज का सवेरा कुछ खास था। यह दिन था उन जांबाज सिपाहियों के सम्मान का, जो अपनी जान की परवाह किए बिना दूसरों के लिए ‘उम्मीद की किरण’ बनते हैं। State Disaster Response Force (SDRF) Jammu ने आज अपना 14th Annual Raising Day पूरे जोश और जज्बे के साथ सेलिब्रेट किया। यह सिर्फ एक सरकारी आयोजन नहीं था, बल्कि उन परिवारों की दुआओं का संगम था जिनकी जान इन वीरों ने बचाई है।
सेवा और साहस का बेमिसाल साल (Exemplary Service)
समारोह के Chief Guest, A.G. Mir (DGP & Commandant General) ने अधिकारियों और जवानों को बधाई देते हुए उनके पिछले एक साल के काम को जमकर सराहा। उन्होंने कहा कि आपदा (Disaster) के समय जब दुनिया पीछे हटती है, SDRF के जवान ढाल बनकर आगे खड़े होते हैं।
2025 की बड़ी उपलब्धियां: Commandant Zahid Naseem Manhas ने बताया कि पिछला साल चुनौतियों से भरा था। विशेष रूप से अगस्त 2025 में Kishtwar के Chashoti गांव में हुए भीषण Cloudburst और जम्मू क्षेत्र में आई भयानक बाढ़ (Flash-floods) के दौरान SDRF ने जो बहादुरी दिखाई, उसने इंसानियत की नई मिसाल पेश की।
सम्मान उनके लिए जिन्होंने ‘निस्वार्थ’ साथ दिया
इस मौके पर सिर्फ वर्दीधारियों को ही नहीं, बल्कि उन Civil Administration के चेहरों को भी सम्मानित किया गया जिन्होंने संकट की घड़ी में SDRF का साथ दिया। जम्मू की ADC Ansuya Jamwal, कठुआ के ADC Vishavjeet Singh, और उधमपुर के ADC Prem Singh Chib जैसे अधिकारियों को उनकी Unwavering Support के लिए Mementos और Commendation Certificates दिए गए।
समारोह में हाई-टेक Equipment का लाइव डेमो और एक Photo Exhibition भी लगाई गई, जो SDRF के कठिन संघर्ष और सफल Rescue Operations की कहानी बयां कर रही थी।





