J&K News: प्राइमरी स्कूल में चौंकाने वाला खुलासा—खाली क्लासरूम, गायब शिक्षक! जांच में क्या बड़ा पकड़ा गया?

J&K News: राजौरी जिले में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने और स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए शनिवार को एक अहम कदम उठाया गया। CEO राजौरी के निर्देश पर ज़ोनल एजुकेशन ऑफिसर (ZEO) राजौरी ने वार्ड नंबर 4 स्थित प्राइमरी स्कूल का अचानक निरीक्षण किया। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य स्कूल स्टाफ की समयपालन, उपस्थिति, और प्रधानमंत्री पोषण योजना (PM Poshan/ Mid-Day Meal) के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति का आकलन करना था। लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि कई स्कूलों में स्टाफ समय पर नहीं पहुँचता, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए विभाग ने औचक निरीक्षणों की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया।
निरीक्षण के दौरान ZEO को हैरान करने वाली स्थिति देखने को मिली। स्कूल में स्वीकृत पाँच पदों में से केवल एक शिक्षिका नाज़िया अख्तर ही ड्यूटी पर मौजूद पाई गईं। एक अन्य शिक्षिका शगुफ़्ता दर को विधिवत छुट्टी मिली हुई थी, इसलिए उनकी अनुपस्थिति को उचित माना गया। लेकिन बाकी तीन शिक्षक—मीनाक्षी शर्मा, उज़्मा नाज़, और शीटल मोनी—स्कूल से बिना किसी पूर्व अनुमति या सूचना के ग़ैरहाज़िर पाए गए। बिना अनुमति अनुपस्थित रहना न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि बच्चों की पढ़ाई और स्कूल की दैनिक गतिविधियों को भी गंभीर रूप से प्रभावित करता है। विशेष रूप से प्राथमिक स्कूलों में, जहाँ बच्चों की बुनियादी सीखने की क्षमता विकसित होती है, शिक्षकों की अनुपस्थिति सीधे तौर पर सीखने के माहौल को नुकसान पहुँचाती है।

CEO ने दी कड़ी चेतावनी, जिला स्तर पर निरीक्षण तेज़ करने के निर्देश
शिक्षकों की इस लापरवाही पर जिला शिक्षा अधिकारी (CEO) ने सख्त नाराज़गी जताई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी स्कूल में अनुपस्थित रहने की प्रवृत्ति बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। CEO ने सभी ZEOs को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने ज़ोनों में अचानक निरीक्षणों की संख्या बढ़ाएँ और सुनिश्चित करें कि शिक्षक समय पर स्कूल पहुँचे और अपनी जिम्मेदारियों का पूरी ईमानदारी से पालन करें। यह भी आदेश दिया गया कि Mid-Day Meal जैसी योजनाओं के क्रियान्वयन की नियमित जांच हो, ताकि बच्चों को पोषण और शिक्षा दोनों का लाभ सही रूप में मिल सके। CEO ने चेतावनी दी कि भविष्य में यदि किसी स्कूल में ऐसी लापरवाही पाई गई, तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
तीन शिक्षकों को शो-कॉज नोटिस, जवाब न देने पर होगी कार्रवाई
निरीक्षण के तुरंत बाद, ZEO राजौरी ने तीनों अनुपस्थित शिक्षकों को शो-कॉज नोटिस जारी कर दिए। नोटिस में उनसे पूछा गया है कि उन्होंने बिना अनुमति ड्यूटी से अनुपस्थित रहने की लापरवाही क्यों की। उन्हें निर्देश दिया गया है कि वे अपना लिखित स्पष्टीकरण 8 दिसंबर 2025 (सोमवार) तक ZEO कार्यालय में जमा करें। विभाग की ओर से यह भी स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर जवाब नहीं मिला, तो इसे गलती स्वीकार करना माना जाएगा और उनके खिलाफ नियमों के अनुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई तुरंत शुरू कर दी जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए कड़े कदम जरूरी हैं और ऐसे औचक निरीक्षण आगे भी जारी रहेंगे, ताकि स्कूलों में शिक्षण कार्य सुचारू रूप से चलता रहे।





