J&K News: जम्मू में बुलडोजर ने घर गिराया, हिंदू पड़ोसी ने दी पांच मरला जमीन का तोहफा

J&K News: जम्मू में एक दिल छू लेने वाली घटना ने पूरे देश में भाईचारे और मानवता की मिसाल कायम की है। यूट्यूबर अरफाज़ अहमद दांग के घर को बुलडोजर से गिरा दिया गया, जो कि सरकारी जमीन पर बना था। इस घटना के बाद जब परिवार गहरे सदमे में था, तब उनके हिंदू पड़ोसी कुलदीप कुमार और उनकी बेटी तान्या ने उस परिवार को पांच मरले की ज़मीन उपहार में दी, ताकि वे अपना नया घर बना सकें। इस नेक काम की वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रही है और लोगों से खूब तारीफें मिल रही हैं।
कुलदीप कुमार और बेटी तान्या का मानवता से भरा कदम
ट्रांसपोर्ट नगर इलाके के रहने वाले कुलदीप कुमार ने बताया कि उन्होंने अपनी बेटी के माध्यम से अरफाज़ के परिवार को पांच मरले की ज़मीन देने का फैसला किया है। उन्होंने यह भी कहा कि वे निर्माण कार्य में भी परिवार की मदद करेंगे। यह क़दम समाज में एकता और इंसानियत का प्रतीक बन गया है। कुलदीप का यह उपहार न केवल परिवार के लिए एक नया आशियाना होगा, बल्कि पूरे क्षेत्र में भाईचारे की भावना को भी मजबूती देगा।

अरफाज़ का घर गिराए जाने से उठा राजनीतिक तूफ़ान
पिछले शुक्रवार को जम्मू विकास प्राधिकरण (JDA) द्वारा अरफाज़ अहमद दांग के घर को गिराने की खबर ने जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक उथल-पुथल मचा दी। यह कार्रवाई पत्रकार और यूट्यूबर के साथ-साथ उनके परिवार के लिए एक बड़ा सदमा साबित हुई। इस कदम ने वहां की सामाजिक और राजनीतिक परिस्थितियों पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
महबूबा मुफ्ती ने उठाए गंभीर सवाल
पाकिस्तान डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने इस मामले पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि यह कोई उत्तर प्रदेश या किसी अन्य राज्य की कहानी नहीं है जहां कमजोर मुस्लिम परिवारों के घरों को निशाना बनाया जाता है। महबूबा ने कहा, “यह जम्मू और कश्मीर है, जहां अरफाज़ ने करीब 40 साल पहले तीन मरले की सरकारी ज़मीन पर एक छोटा सा घर बनाया था, जिसे कुछ ही पलों में ध्वस्त कर दिया गया।” उन्होंने इस कार्रवाई को अल्पसंख्यकों के खिलाफ अन्याय बताया और केंद्र सरकार से सवाल किया।
इंसानियत की जीत और समाज के लिए संदेश
अरफाज़ के घर गिराए जाने के बाद कुलदीप कुमार और उनकी बेटी का कदम इस घटना के बीच एक उजला पक्ष है। यह दिखाता है कि चाहे कितनी भी राजनीतिक या सामाजिक जटिलताएं हों, इंसानियत और भाईचारे की भावना ज़िंदा है। इस घटना ने यह साबित कर दिया कि हम सब एक हैं और जरूरत पड़ने पर एक-दूसरे का साथ देना हमारा कर्तव्य है। ऐसे उदाहरण समाज में सौहार्द और सहिष्णुता को बढ़ावा देते हैं।





