J&K News: जम्मू-कश्मीर में BSF की सतर्कता, सीमा पर आतंक और तस्करी को किया बुरी तरह नाकाम

J&K News: आज जम्मू-कश्मीर में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के स्थापना दिवस पर बीएसएफ कश्मीर के आईजी अशोक यादव ने बताया कि बीएसएफ हर चुनौती के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के बाद सीमा पर आतंकवादियों की घुसपैठ के प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि आतंकवादियों के खात्मे और भारत की सुरक्षा में बीएसएफ की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने बताया कि लगभग 100-120 आतंकी भारत की सीमा में घुसपैठ करने की फिराक में हैं, लेकिन बीएसएफ हर मोर्चे पर पूरी सतर्कता के साथ खड़ा है।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद घुसपैठ के प्रयास नाकाम
आईजी अशोक यादव ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद जम्मू-कश्मीर में आतंकियों ने दो बार घुसपैठ की कोशिश की, लेकिन बीएसएफ और सेना की संयुक्त कार्रवाई ने इन प्रयासों को विफल कर दिया। कुल 13 आतंकियों में से 8 आतंकवादी मारे गए और शेष 5 को भी समाप्त कर दिया गया। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के कई ठिकानों को ध्वस्त कर दिया गया था। इस 22वें ऑपरेशन में भारी तोपखाने के रेजिमेंट, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सेना ने मिलकर पाकिस्तान को भारी क्षति पहुंचाई।

सीमा पर आतंकवाद और तस्करी रोकने में बीएसएफ की अहम भूमिका
आईजी अशोक यादव ने आगे बताया कि बीएसएफ न केवल आतंकवादियों की घुसपैठ को रोकने में सक्षम है, बल्कि हथियारों और मादक पदार्थों की तस्करी को भी बखूबी नाकाम कर रही है। खराब मौसम, आतंकवादी हमलों और आत्मघाती हमलों की लगातार बढ़ती चुनौती के बावजूद बीएसएफ ने देश की सुरक्षा के हर मोर्चे पर अपनी भूमिका निभाई है। उनका कहना है कि बीएसएफ ने पिछले 61 वर्षों में पंजाब और जम्मू-कश्मीर समेत कई जगहों पर सीमा सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी अभियानों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
बीएसएफ की उपलब्धियां और देश के प्रति समर्पण
बीएसएफ कश्मीर आईजी ने कहा कि बीएसएफ ने जम्मू-कश्मीर में शांति स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आतंकवादियों को निष्प्रभावी कर सीमा क्षेत्र को सुरक्षित बनाने में बीएसएफ की मेहनत सराहनीय है। आज का स्थापना दिवस बीएसएफ की इस उपलब्धि का जश्न है। उन्होंने कहा कि बीएसएफ हमेशा देश की सुरक्षा के लिए तत्पर रहेगी और हर चुनौती का सामना पूरी हिम्मत से करेगी।
आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में बीएसएफ का संकल्प
अशोक यादव ने कहा कि बीएसएफ के जवान हर परिस्थिति में देश की सेवा के लिए समर्पित हैं। वे निरंतर अपने कर्तव्य के प्रति जागरूक हैं और सीमा सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं। उन्होंने देशवासियों से भी अपील की कि वे सुरक्षा बलों का समर्थन करें और आतंकवाद के खिलाफ एकजुट रहें। बीएसएफ का स्थापना दिवस देश की सुरक्षा में उनकी गहन मेहनत और समर्पण का प्रतीक है।





