J&K Bank नौकरी का झांसा, दो आरोपियों पर EOW ने दर्ज की चार्जशीट, लोगों में बढ़ा गुस्सा और सस्पेंस

J&K: कश्मीर के क्राइम ब्रांच की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने जम्मू-कश्मीर बैंक में नौकरी दिलाने के झूठे वादे के मामले में दो व्यक्तियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। यह चार्जशीट पैसेंजर टैक्स कोर्ट, सब-रजिस्ट्रार श्रीनगर में प्रस्तुत की गई। मामले में आरोपी मोहम्मद अशरफ शेख और अयाज-उल-रहमान मन्रू पर भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 468, 471 और 120-B के तहत धोखाधड़ी और षड्यंत्र के आरोप लगाए गए हैं। यह मामला एक लिखित शिकायत पर आधारित है, जिसमें आरोप लगाया गया कि दोनों आरोपियों ने लोगों को झूठे वादे देकर आर्थिक लाभ उठाया।
झूठे वादों और ठगी का मामला
शिकायत के अनुसार, आरोपी व्यक्तियों ने शिकायतकर्ताओं को जम्मू-कश्मीर बैंक में नौकरी दिलाने का झूठा वादा किया और इस प्रक्रिया में उनसे भारी रकम वसूली। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने आर्थिक अपराध शाखा (क्राइम ब्रांच कश्मीर) में जांच शुरू की। जांच के दौरान यह सामने आया कि आरोपियों ने शिकायतकर्ताओं को फर्जी और जाली नियुक्ति आदेश प्रदान किए थे। इसके जरिए उन्होंने धोखाधड़ी करते हुए पीड़ितों से पैसे हड़पने का प्रयास किया।
जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि दोनों आरोपियों ने योजना बद्ध तरीके से यह अपराध अंजाम दिया। दस्तावेज़, गवाहों के बयान और फोरेंसिक जांच के आधार पर यह साबित हुआ कि आरोपियों की संलिप्तता ठोस साक्ष्यों से प्रमाणित है। जांच अधिकारीयों ने पाया कि आरोपियों ने जानबूझकर शिकायतकर्ताओं को भ्रमित कर उनकी आर्थिक हानि की।
साक्ष्यों के आधार पर आरोप सिद्ध
आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने अपने सबूतों के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला कि आरोपी भारतीय दंड संहिता की उल्लिखित धाराओं के तहत अपराधी हैं। जांच में एकत्रित किए गए दस्तावेज़, बैंकिंग रिकॉर्ड, गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों पर ठोस मामला तैयार किया गया। आरोपियों की गतिविधियों ने न केवल शिकायतकर्ताओं को आर्थिक नुकसान पहुँचाया बल्कि उनके भरोसे को भी ठेस पहुंचाई।
इस आधार पर पुलिस ने न्यायिक प्रक्रिया की दिशा में कदम बढ़ाते हुए चार्जशीट अदालत में प्रस्तुत की। अदालत अब इस मामले में आरोपों की वैधता और आरोपी पक्ष के बचाव को सुनने के बाद न्यायिक निर्णय करेगी। यह कदम न्यायपालिका और पुलिस द्वारा नौकरी घोटालों जैसे अपराधों के खिलाफ कड़ा संदेश देने के रूप में भी देखा जा रहा है।
नौकरी घोटाले पर कड़ी कार्रवाई का संदेश
इस मामले के माध्यम से कश्मीर में आर्थिक अपराध शाखा ने यह स्पष्ट किया है कि नौकरी के झूठे वादों के जरिए लोगों को ठगने वाले अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि ऐसी धोखाधड़ी की घटनाओं पर निगरानी और जांच लगातार जारी रहेगी। साथ ही, लोगों को भी जागरूक किया जा रहा है कि किसी भी नौकरी के वादे पर बिना पुष्टि किए पैसे न दें और फर्जी नियुक्ति आदेश जैसी दस्तावेज़ों पर भरोसा न करें।
अधिकारियों का यह भी कहना है कि इस चार्जशीट के बाद अदालत के निर्णय से अन्य संभावित अपराधियों को यह संदेश मिलेगा कि नौकरी घोटाले और धोखाधड़ी के अपराधों पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को सजा दी जाएगी। इससे आम जनता के हित की सुरक्षा और न्यायपालिका की विश्वसनीयता भी सुनिश्चित होगी।





