Jammu-Kashmir पुलिस ने कोट भलवाल जेल में चलाया सघन तलाशी अभियान, आतंकी संपर्क तोड़ने की कोशिश

Jammu-Kashmir पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस यूनिट (CIU) ने बुधवार सुबह सुरक्षा-संवेदनशील कोट भलवाल सेंट्रल जेल में एक व्यापक तलाशी अभियान चलाया। यह ऑपरेशन सुबह 7 बजे शुरू हुआ और लगभग दो घंटे तक चला। टीम ने जेल के बैरकों, कमरों, विजिटिंग एरिया और अन्य संवेदनशील जगहों की पूरी जांच की। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई खुफिया सूचनाओं के आधार पर की गई, जिसमें पाकिस्तान और स्थानीय कट्टरपंथी आतंकियों के एक संगठित नेटवर्क की मौजूदगी का पता चला था।
तलाशी में अब तक नहीं मिला कोई बड़ा सबूत, लेकिन पहले भी हो चुके हैं बड़े खुलासे
जैसे-जैसे तलाशी अभियान आगे बढ़ा, शुरुआती जांच में कोई आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली। हालांकि, पिछले कई छापों में मोबाइल फोन, सिम कार्ड, चार्जर और नशीली दवाओं जैसे प्रतिबंधित सामान बरामद हो चुके हैं। इन आपत्तिजनक वस्तुओं के मिलने से यह साबित होता है कि जेल के भीतर आतंकवादी और अपराधी बाहरी दुनिया से संपर्क बनाए रख रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस तलाशी का उद्देश्य इन अवैध संचार चैनलों और आतंकवादी गतिविधियों को रोकना है।

आतंकियों की अंदरूनी रणनीतियों को तहस-नहस करने की कोशिश
सूत्रों की मानें तो कोट भलवाल जेल के भीतर आतंकवाद से जुड़े संदेश भेजने और योजनाएं बनाने का काम चल रहा था। इस ऑपरेशन का मकसद इन संगठित गतिविधियों को रोकना और आतंकी नेटवर्क को खत्म करना है। विशेष रूप से उन बैरकों को सख्ती से जांचा गया जहां प्रमुख आतंकवादी और गंभीर मामलों के आरोपी कैद हैं। इस इलाके में किसी भी अवैध संपर्क को पकड़ने के लिए टीम ने व्यापक जांच की। हालांकि अभी तक कोई बड़ी बरामदगी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
सुरक्षा एजेंसाओं की सतर्कता बढ़ी, दिल्ली के रेड फोर्ट बम धमाके के बाद और भी सख्ती
हाल ही में सुरक्षा एजेंसियों ने एक व्हाइट-कॉलर आतंकवादी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है, जिसमें कुछ डॉक्टरों की भी भूमिका सामने आई। इसके अलावा, दिल्ली के रेड फोर्ट इलाके में 10 नवंबर को हुए कार बम धमाके ने सुरक्षा एजेंसियों की चौकसी को और बढ़ा दिया है। इसी संदर्भ में कोट भलवाल जेल में यह छापा आतंकवादी नेटवर्क को तोड़ने के लिए उठाया गया एक अहम कदम माना जा रहा है।
कोट भलवाल जेल की खासियत और आने वाले समय में और सख्ती की उम्मीद
कोट भलवाल जेल राज्य की सबसे सुरक्षित जेल मानी जाती है। यहां कई प्रमुख आतंकवादी कमांडर, पाकिस्तानी आतंकी और गंभीर अपराधियों को रखा गया है। इस जेल में चल रहे आतंकवादी नेटवर्क को खत्म करना सुरक्षा एजेंसाओं के लिए बड़ी चुनौती है। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में और भी कड़े छापे और कार्रवाई की संभावना है, ताकि आतंकी गतिविधियों की जड़ को पूरी तरह से खत्म किया जा सके।





