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E20 Fuel Policy पर Congress के सवाल, Water Crisis पर बढ़ी चिंता

E20 Fuel Policy को लेकर Congress ने कहा कि Green Fuel के साथ Water Resources, Food Security और Environmental Impact पर भी ध्यान देना जरूरी है।

नई दिल्ली: E20 Fuel Policy को लेकर Congress ने केंद्र सरकार पर एक बार फिर निशाना साधा है। पार्टी का कहना है कि देशभर में E20 Fuel के तेज़ी से लागू किए जाने के पीछे केवल पर्यावरण संरक्षण का उद्देश्य नहीं दिखता। Congress का दावा है कि किसी भी Green Fuel Policy का मूल्यांकन केवल प्रदूषण कम करने के आधार पर नहीं, बल्कि उसके Environmental Impact, Water Resources और Food Security पर पड़ने वाले असर को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए।

Congress महासचिव Jairam Ramesh ने कहा कि सरकार E20 Fuel को स्वच्छ ऊर्जा और Oil Import कम करने की दिशा में बड़ा कदम बता रही है, लेकिन इसके व्यापक प्रभावों पर गंभीर चर्चा जरूरी है।

E20 Fuel Policy के लिए Ethanol Production पर उठे सवाल

Jairam Ramesh ने कहा कि कई देशों में Ethanol का उत्पादन कृषि अवशेष (Agricultural Residues) और Waste Biomass से किया जाता है, जबकि भारत में इसका उत्पादन मुख्य रूप से Sugarcane, Rice और Maize जैसी फसलों से हो रहा है।

उन्होंने कहा कि ये फसलें पहले से ही बड़ी मात्रा में पानी की खपत करती हैं। उनके अनुसार, Sugarcane और Paddy अकेले देश के लगभग 70 प्रतिशत सिंचाई जल का उपयोग करते हैं। ऐसे में इनसे Ethanol तैयार करना जल संसाधनों पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है।

Water Resources और Food Security पर जताई चिंता

Congress नेता के अनुसार, एक लीटर Sugarcane-based Ethanol बनाने में लगभग 3,630 लीटर पानी लगता है, जबकि Rice-based Ethanol के लिए यह खपत 10,790 लीटर तक पहुंच सकती है। वहीं Maize-based Ethanol तैयार करने में भी करीब 4,670 लीटर पानी की जरूरत होती है।

उन्होंने कहा कि देश के कई हिस्सों में Groundwater Level लगातार नीचे जा रहा है। ऐसे समय में पानी की अधिक खपत वाली फसलों से Ethanol उत्पादन को बढ़ावा देना भविष्य में जल संकट को और गंभीर बना सकता है।

NITI Aayog की रिपोर्ट का भी किया जिक्र

Jairam Ramesh ने कहा कि NITI Aayog की वर्ष 2021 की Ethanol Roadmap में भी अधिक टिकाऊ (Sustainable) Feedstock अपनाने की जरूरत बताई गई थी। इसके बावजूद सरकार अभी भी Rice आधारित Ethanol उत्पादन को बढ़ावा दे रही है।

उन्होंने दावा किया कि सरकार संसद में यह स्वीकार कर चुकी है कि Ethanol Distilleries को Rice औसत खरीद मूल्य से लगभग 40 प्रतिशत कम कीमत पर उपलब्ध कराया जा रहा है।

सरकार से Transparency की मांग

Congress ने कहा कि E20 Fuel Policy को लागू करने से पहले सरकार को इसके पर्यावरणीय और आर्थिक प्रभावों से जुड़े सभी Data और Reports सार्वजनिक करने चाहिए। पार्टी का आरोप है कि इस नीति से जुड़े कई सवालों के स्पष्ट जवाब अब तक सामने नहीं आए हैं।

हालांकि, केंद्र सरकार का कहना है कि E20 Fuel का उद्देश्य देश में Clean Energy को बढ़ावा देना, Crude Oil Import पर निर्भरता कम करना और Ethanol Blending Programme को मजबूत बनाना है। सरकार लगातार इस दिशा में काम कर रही है।

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