JK Mining Policy: J&K में नई Minor Mining Policy 2026
JK Mining Policy के तहत Digital Monitoring, Single Window Clearance और Illegal Mining पर कड़ी कार्रवाई की तैयारी
JK Mining Policy को लेकर जम्मू-कश्मीर सरकार ने नई Minor Mining Policy 2026 तैयार करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। Chief Secretary Atal Dulloo की अध्यक्षता में हुई हाई-लेवल बैठक में Illegal Mining पर सख्ती, Digital Monitoring, पारदर्शिता और वैज्ञानिक Mining System को मजबूत बनाने पर चर्चा हुई। नई JK Mining Policy का उद्देश्य Mining Sector को अधिक जवाबदेह और तकनीक आधारित बनाना है.
बैठक में Additional Chief Secretary (Mining) Ashwani Kumar, विभिन्न विभागों के Administrative Secretaries, Divisional Administration, Pollution Control Committee के अधिकारी और अन्य संबंधित Stakeholders मौजूद रहे।
CITaG ने पेश किया नई Mining Policy का रोडमैप
बैठक के दौरान Centre for Innovation, Technology Assessment and Good Governance (CITaG) के CEO ने प्रस्तावित Minor Mining Policy-2026 का विस्तृत Presentation दिया।
Presentation में वर्तमान Mining System की कमियों, नए Policy Reforms और एक आधुनिक, पारदर्शी तथा कानूनी रूप से मजबूत Mining Governance Framework तैयार करने की योजना साझा की गई। विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भी Draft Policy पर अपने सुझाव दिए ताकि इसे और प्रभावी बनाया जा सके।
Central Law के अनुरूप होगी नई Policy
बैठक को संबोधित करते हुए Chief Secretary Atal Dulloo ने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित Policy में होने वाला हर संशोधन Central Minor Mineral Laws के अनुरूप होना चाहिए और किसी भी कानूनी चुनौती का सामना करने में सक्षम होना चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि Odisha जैसे राज्यों की सफल Mining Practices का अध्ययन कर उन्हें जम्मू-कश्मीर की स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार अपनाया जाए।
Traditional Miners की आजीविका की सुरक्षा पर ज़ोर
Chief Secretary ने कहा कि नई JK Mining Policy में पारंपरिक Mining से जुड़े लोगों के हितों का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए।
उन्होंने एक Transparent Digital Ecosystem विकसित करने पर ज़ोर दिया, जिससे Traditional Miners को सिस्टम में शामिल किया जा सके। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि Mining Rights किसी अन्य व्यक्ति को Transfer, Sublet या गलत तरीके से इस्तेमाल नहीं किए जा सकेंगे।
Illegal Mining रोकने के लिए होंगे सख्त कदम
बैठक में बढ़ते Illegal Mining को गंभीर चिंता का विषय बताया गया।
Chief Secretary ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि कानून के दायरे में रहते हुए Habitual Offenders के खिलाफ अधिक सख्त कार्रवाई के विकल्प तलाशे जाएं, ताकि अवैध Mining पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
उन्होंने कहा कि Penalty, Seizure और Enforcement से जुड़े सभी प्रावधान पूरी तरह कानूनी आधार पर तैयार किए जाने चाहिए।
Single Window Clearance System पर भी चर्चा
Presentation के दौरान मौजूदा व्यवस्था की कई बड़ी कमियां सामने रखी गईं।
इनमें Government Infrastructure Projects के लिए Minor Minerals की Priority Supply का अभाव, Standard RFP Format की कमी, River-bed Management की कमजोर व्यवस्था और विभिन्न विभागों से Approval मिलने में होने वाली देरी शामिल रही।
इन समस्याओं को दूर करने के लिए Single Window Clearance Mechanism विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया ताकि Mining Projects समय पर शुरू हो सकें।
Technology आधारित Monitoring System बनेगा
बैठक में Mining Sector को पूरी तरह Digital बनाने पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
प्रस्तावित Digital Platform में कई आधुनिक सुविधाएं शामिल होंगी, जैसे—
- e-Challan Generation
- Geo-Fencing
- Real-Time Mineral Transportation Monitoring
- Mine-to-Market Tracking System
इस Digital Platform के विकास में Bhaskaracharya National Institute for Space Applications and Geo-informatics (BISAG-N) को भी शामिल करने का प्रस्ताव रखा गया।
Environmental Clearance और Third-Party Audit पर फोकस
नई Policy में Environmental Clearance प्रक्रिया को अधिक तेज और पारदर्शी बनाने पर भी ज़ोर दिया गया।
इसके अलावा निजी भूमि से होने वाले Mineral Extraction के लिए Third-Party Audit लागू करने और Penalties की समय-समय पर समीक्षा करने का सुझाव भी रखा गया, ताकि उनका प्रभाव बना रहे।
Emergency Mining और Whistleblower Protection का भी प्रस्ताव
बैठक के दौरान अधिकारियों ने सुझाव दिया कि सिंचाई और Flood Management जैसे Emergency कार्यों के लिए आवश्यक होने पर Minor Minerals की तत्काल उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रावधान किए जाएं।
इसके साथ ही Illegal Mining की सूचना देने वाले Whistleblowers और Informers की सुरक्षा के लिए भी अलग व्यवस्था विकसित करने पर सहमति बनी।
Geology & Mining Department को मिलेगा और मजबूत ढांचा
बैठक में यह भी माना गया कि Mining पर प्रभावी नियंत्रण के लिए Department of Geology & Mining की संस्थागत क्षमता बढ़ाना जरूरी है।
इसके लिए Department की Enforcement Capacity, Resource Management System और तकनीकी ढांचे को मजबूत करने पर सहमति बनी।
अंत में निर्णय लिया गया कि CITaG सभी विभागों से मिले सुझावों को शामिल करते हुए Draft Policy में आवश्यक संशोधन करेगा, ताकि जम्मू-कश्मीर के लिए एक व्यावहारिक, पारदर्शी और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप Comprehensive Minor Mining Policy-2026 तैयार की जा सके।





