Jammu-Kashmir: अनुपालन रिपोर्ट नहीं देने पर CAT की नाराजगी, न्यायिक आदेशों की अवहेलना पर बड़ा फैसला संभव

Jammu-Kashmir: केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT), जम्मू बेंच ने वाद संख्या C.P./380/2025 (जम्मू) में, जो कि O.A./504/2025 तथा M.A./1339/2025 से संबंधित है, एक कड़ा आदेश पारित किया है। यह मामला मुरतज़ा अंजुम बनाम श्री अनिल कुमार सिंह एवं अन्य शीर्षक से दायर किया गया है। मामले की सुनवाई के दौरान अधिकरण ने पाया कि प्रतिवादियों द्वारा अब तक आदेश की अनुपालन रिपोर्ट दाखिल नहीं की गई है, जबकि उन्हें पहले कई अवसर दिए जा चुके हैं।
CAT ने अपने आदेश में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया कि विभिन्न तारीखों पर पर्याप्त समय और अवसर दिए जाने के बावजूद प्रतिवादियों (कंटेम्नर्स) ने आज तक अनुपालन रिपोर्ट दाखिल नहीं की। अधिकरण ने इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए नाराजगी जताई और कहा कि न्यायिक आदेशों की अवहेलना बर्दाश्त नहीं की जा सकती। अधिकरण ने माना कि लगातार टालमटोल न्यायिक प्रक्रिया के प्रति उदासीनता को दर्शाती है।
पांचवां और अंतिम अवसर, वारंट की चेतावनी
अधिकरण ने अब प्रतिवादियों को पांचवां और अंतिम अवसर प्रदान करते हुए निर्देश दिया है कि अगली सुनवाई से पहले अनुपालन रिपोर्ट अनिवार्य रूप से दाखिल की जाए। आदेश में साफ तौर पर चेतावनी दी गई है कि यदि अगली तारीख तक भी रिपोर्ट दाखिल नहीं की गई, तो प्रतिवादियों के खिलाफ जमानती वारंट (Bailable Warrant) जारी किए जाएंगे। CAT ने स्पष्ट किया कि न्यायालय के आदेशों की अवमानना को हल्के में नहीं लिया जाएगा।
अगली सुनवाई की तिथि तय, 30 फरवरी 2026
इस मामले की अगली सुनवाई की तिथि 30.02.2026 तय की गई है। अधिकरण ने उम्मीद जताई है कि अंतिम अवसर दिए जाने के बाद संबंधित अधिकारी आदेश का पालन करेंगे और रिपोर्ट दाखिल करेंगे। यह आदेश प्रशासनिक अधिकारियों के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि न्यायिक आदेशों की अनदेखी करने पर कठोर कार्रवाई से बचा नहीं जा सकता।





