Tongue Color Symptoms: जीभ पर सफेद या लाल परत? ये बदलाव आपके शरीर में क्या तूफ़ान ला रहे हैं, खुलासा चौंका देगा

Tongue Color Symptoms: बहुत समय पहले, जब आधुनिक चिकित्सा परीक्षण उपलब्ध नहीं थे, डॉक्टर रोगों की पहचान जीभ, गले, आंखों, नाखूनों, पेशाब और मल की जांच करके करते थे। शरीर में कोई बीमारी विकसित होने पर इन हिस्सों में बदलाव दिखने लगते हैं। आज भले ही एडवांस्ड टेस्ट मौजूद हैं, लेकिन आयुर्वेद अभी भी जीभ को स्वास्थ्य का दर्पण मानता है। जीभ का रंग सफेद, लाल, नीला या पीला होना कई बार शरीर में किसी परिवर्तन या पोषक तत्वों की कमी का संकेत होता है। आयुर्वेदिक विशेषज्ञ आचार्य मनीष के अनुसार, जीभ का रंग बदलना पाचन, लीवर, किडनी और पित्ताशय से जुड़ी समस्याओं का संकेत हो सकता है। इसलिए इन बदलावों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
यदि जीभ सफेद दिखाई देती है, तो यह गैस, एसिडिटी, कब्ज, बढ़े हुए कफ और कमजोर प्रतिरक्षा का संकेत हो सकता है। बहुत ज्यादा सफेद या फीकी जीभ खून की कमी और कम हीमोग्लोबिन का लक्षण भी हो सकती है। इसके लिए सुबह भीगे हुए अंजीर और थोड़ा गुड़ खाना फायदेमंद है। मोटी जीभ अक्सर फैटी लिवर या आंतों में जमा टॉक्सिन का संकेत देती है, जिसके लिए डॉक्टर की सलाह जरूरी है। इसके विपरीत, पतली और किनारों से कटी हुई जीभ किडनी स्टोन या किडनी फेल होने की शुरुआती निशानी हो सकती है। वहीं, जीभ पर नीली व बैंगनी रेखाएँ लीवर में रुकावट, पित्ताशय की पथरी और खराब रक्त संचार की ओर इशारा करती हैं। यह तनाव और ऑक्सीजन की कमी का भी लक्षण हो सकता है।

लाल, पीली और गुलाबी जीभ: स्वास्थ्य का क्या मतलब?
बेहद लाल और सूजी हुई जीभ शरीर में संक्रमण, तेज बुखार, सूजन और बढ़ी हुई गर्मी का संकेत देती है। यदि जीभ के आगे का हिस्सा ज्यादा लाल दिखे, तो यह मानसिक तनाव, हृदय संबंधी बदलाव या हार्मोनल असंतुलन से जुड़ा हो सकता है। पीली जीभ पित्त दोष बढ़ने, एसिडिटी और पाचन गड़बड़ी का लक्षण होती है। इसके लिए भोजन के बाद पाँच तुलसी पत्ते और एक इलायची चबाना फायदेमंद माना जाता है। वहीं, गुलाबी जीभ सबसे अच्छी स्थिति मानी जाती है। इसका मतलब है कि आपका पाचन अच्छा है और शरीर में सभी दोष संतुलित हैं। गुलाबी जीभ शरीर के संपूर्ण स्वास्थ्य का संकेत है।
जीभ को कैसे रखें साफ और स्वस्थ
जीभ की सफाई उतनी ही जरूरी है जितनी दाँतों की। सुबह उठकर जीभ को स्क्रैपर या ब्रश से अच्छी तरह साफ करना चाहिए ताकि बैक्टीरिया और टॉक्सिन हट सकें। रोजाना फाइबर से भरपूर आहार लें और एक गिलास गुनगुना पानी पिएँ, इससे पाचन सुधरेगा। त्रिफला, अजवाइन और समय पर भोजन भी पाचन को मजबूत करते हैं। देर रात खाना खाने की आदत तुरंत छोड़ना चाहिए, क्योंकि यह पाचन को बिगाड़कर जीभ के रंग और स्वास्थ्य को प्रभावित करता है। नियमित रूप से जीभ का निरीक्षण करने से आप शरीर की कई शुरुआती समस्याओं को समय रहते पहचान सकते हैं और बेहतर स्वास्थ्य बनाए रख सकते हैं।





