Jammu- Kashmir सरकार ने फायर सर्विसेज घोटाले में वेंडर और निजी व्यक्ति को ब्लैकलिस्ट किया, जांच में बड़ी गड़बड़ी पाई गई

Jammu-Kashmir सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी (IT) विक्रेता M/s LMES IT LLP और निजी व्यक्ति महाराज कृष्ण वाली को आगामी सभी सरकारी भर्ती निविदाओं में हिस्सा लेने से प्रतिबंधित कर दिया है। यह सख्त कदम 2025 के नवंबर माह में लिया गया है। यह प्रतिबंध 2020 में फायरमैन और फायरमैन ड्राइवरों की भर्ती प्रक्रिया में पाए गए बड़े पैमाने पर अनियमितताओं की जांच के बाद लागू किया गया है। जम्मू-कश्मीर सरकार की यह कार्रवाई भ्रष्टाचार और गलत प्रथाओं को रोकने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।
2020 भर्ती प्रक्रिया में हुई भारी अनियमितताएं
2020 में हुए फायरमैन/फायरमैन ड्राइवरों के चयन प्रक्रिया में कई अनियमितताएं सामने आईं थीं। इस प्रक्रिया के दौरान IT विक्रेता M/s LMES IT LLP को अनुचित तरीके से ठेका देने का मामला उजागर हुआ। यह कंपनी L-2 बोलीदाता थी, जिसका बोली मूल्य कम से कम बोली (L-1) से काफी अधिक था। इसके बावजूद ठेका उन्हें दिया गया था। इस अनुचित निर्णय ने भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए। इन अनियमितताओं की जांच के लिए एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) को जिम्मेदारी सौंपी गई।
एंटी करप्शन ब्यूरो की जांच में सामने आए तथ्य
एंटी करप्शन ब्यूरो ने गहन जांच के बाद पाया कि M/s LMES IT LLP को अनुचित रूप से ठेका दिया गया। जांच में यह भी पता चला कि कंपनी को ठेका देने के लिए आवश्यक अनुभव की कमी थी। साथ ही, कंपनी ने किसी अन्य फर्म के वित्तीय रिकॉर्ड्स का धोखाधड़ी से इस्तेमाल किया था। यह धोखाधड़ी कंपनी की पात्रता को प्रभावित करती है और भर्ती प्रक्रिया में गंभीर अनियमितता को दर्शाती है। इस सबूत के आधार पर एसीबी ने सरकार को रिपोर्ट दी, जिसके बाद इस कंपनी को काले सूची में डालने का निर्णय लिया गया।
महाराज कृष्ण वाली पर भी प्रतिबंध
सिर्फ कंपनी ही नहीं, बल्कि निजी व्यक्ति महाराज कृष्ण वाली पर भी आगामी सरकारी निविदाओं में भाग लेने से प्रतिबंध लगाया गया है। उनकी भूमिका इस मामले में संदिग्ध पाई गई है। यह प्रतिबंध भर्ती प्रक्रिया में निष्पक्षता बनाए रखने और भ्रष्टाचार को जड़ से समाप्त करने की सरकार की मंशा को दर्शाता है। इससे यह भी संदेश जाता है कि कोई भी व्यक्ति या संस्था सरकारी कामकाज में गड़बड़ी करने की हिमाकत नहीं कर सकेगा।
सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बढ़ाने का प्रयास
जम्मू-कश्मीर सरकार ने इस कार्रवाई के जरिए भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और ईमानदारी कायम रखने का दृढ़ संकल्प जाहिर किया है। भर्ती में किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई कर दोषियों को काले सूची में डालकर उनके भविष्य के सरकारी कामों में भाग लेने पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। इससे सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार और गड़बड़ी कम करने में मदद मिलेगी।
सरकार ने यह भी आश्वासन दिया है कि आगामी भर्ती प्रक्रियाओं में तकनीकी और कानूनी नियमों का कड़ाई से पालन किया जाएगा ताकि चयन पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी हो। भर्ती में धोखाधड़ी के मामलों को रोकने के लिए निगरानी बढ़ाई जाएगी और संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत जांच की जाएगी।





