जम्मू और कश्मीर

जम्मू-कश्मीर में वाहन धोखाधड़ी रोकने नए नियम लागू, बिना अनुमति वाहन डीलर पर होगी सख्त कार्रवाई

जम्मू-कश्मीर सरकार ने वाहनों के दुरुपयोग और धोखाधड़ी को रोकने के लिए एक नई पहल शुरू की है। इस पहल के तहत राज्य में वाहन रजिस्ट्रेशन और डीलरशिप प्रक्रिया को अधिक सख्त और पारदर्शी बनाया जाएगा। इसके लिए सभी वाहनों के डीलरों को अब अनिवार्य रूप से प्राधिकरण लेना होगा। यह कदम वाहन धोखाधड़ी और अवैध लेन-देन को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है।

डीलरों के लिए नई गाइडलाइंस जारी

ट्रांसपोर्ट कमिश्नर के कार्यालय ने एक सर्कुलर जारी किया है जिसमें डीलरों के पंजीकरण और प्राधिकरण से जुड़े नए नियमों का विवरण दिया गया है। इस सर्कुलर को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ताजा अधिसूचना के अनुरूप तैयार किया गया है। अब सभी डीलरों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा और उनके व्यापारिक परिसर की सत्यापन प्रक्रिया भी अनिवार्य होगी। प्राधिकरण की वैधता पाँच वर्षों की होगी और वाहनों से जुड़ी सभी लेन-देन की रिपोर्टिंग वास्तविक समय में की जाएगी।

जम्मू-कश्मीर में वाहन धोखाधड़ी रोकने नए नियम लागू, बिना अनुमति वाहन डीलर पर होगी सख्त कार्रवाई

कठोर निगरानी और कार्रवाई के निर्देश

क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (RTO), सहायक RTO और प्रवर्तन अधिकारी इस दिशा में कड़ी जांच करेंगे। वे वाहन लेन-देन के रिकॉर्ड की जांच करेंगे और बिना प्राधिकरण वाले डीलरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे। जिला पुलिस और राज्य कर अधिकारी भी ऐसे डीलरों से अवैध तरीके से बेचे गए वाहनों को जब्त करने में सहायता करेंगे। यदि कोई डीलर 30 दिनों के भीतर प्राधिकरण प्राप्त नहीं करता है, तो उसके खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

वाहन लेन-देन में पारदर्शिता लाने का प्रयास

परिवहन आयुक्त विशाल पाल महाजन ने बताया कि इन नए नियमों से जम्मू-कश्मीर में वाहन लेन-देन की प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी। धोखाधड़ी और अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण पाने में यह गाइडलाइंस महत्वपूर्ण साबित होंगी। साथ ही, असामाजिक तत्वों द्वारा वाहनों के दुरुपयोग को रोकने में मदद मिलेगी, जिससे आम नागरिकों का हित सुरक्षित रहेगा।

राज्य में वाहन बाजार की मजबूती और सुरक्षा

नए निर्देशों के लागू होने से न केवल वाहन धोखाधड़ी घटेगी बल्कि राज्य में वाहन बाजार की मजबूती भी आएगी। डीलरशिप प्राधिकरण के कारण खरीदार और विक्रेता दोनों को अपने अधिकारों और दायित्वों के प्रति सजग रहना होगा। डिजिटल रिकॉर्डिंग और KYC की प्रक्रिया से वाहन व्यापार अधिक सुरक्षित और जिम्मेदार बनेगा। इस पहल से जम्मू-कश्मीर में सुरक्षित, भरोसेमंद और पारदर्शी वाहन कारोबार को बढ़ावा मिलेगा।

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