Nowgam Police Station Blast: नौगाम पुलिस स्टेशन विस्फोट में कोई आतंकवादी साजिश नहीं, LG मनोज सिन्हा ने बताया आकस्मिक हादसा

Nowgam Police Station Blast: जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने रविवार को कहा कि नॉवगाम पुलिस स्टेशन विस्फोट में कोई आतंकवादी साजिश या बाहरी हस्तक्षेप का कोई पहलू नहीं है। उन्होंने इस घटना को “एक दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना” करार दिया। श्री गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहादत जयंती के मौके पर डिगियाना स्थित गुरुद्वारा संत मेला सिंह दस्तकारी आश्रम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उपराज्यपाल ने इस घटना को लेकर स्पष्टता दी।
नॉवगाम विस्फोट में शहीदों को श्रद्धांजलि और परिवारों से संवेदना
उपराज्यपाल ने विस्फोट में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि दी और उनके परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना जताई। उन्होंने कहा कि यह घटना सभी के लिए बहुत दुखद है। साथ ही, उन्होंने कहा कि इस दुखद हादसे में जम्मू-कश्मीर पुलिस के बहादुर अधिकारी भी शहीद हुए हैं, जिनके बलिदान को हमेशा याद रखा जाएगा। उपराज्यपाल ने पुलिस और प्रशासन के अन्य कर्मियों को भी सम्मानित किया, जिन्होंने इस खतरे का सामना किया।

फोरेंसिक टीम की जांच के दौरान हुआ विस्फोट
उपराज्यपाल ने बताया कि 14 नवंबर की रात को नॉवगाम पुलिस स्टेशन में फोरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम विस्फोटक पदार्थों के सैंपल लेने आई थी। ये विस्फोटक हाल ही में दिल्ली के रेड फोर्ट के पास हुए धमाके से जुड़े आतंकवादियों के घरों से बरामद किए गए थे। सैंपलिंग प्रक्रिया के दौरान लगभग रात 11:20 बजे एक भयानक विस्फोट हुआ, जिसमें कई लोगों की जान चली गई। यह विस्फोट टीम के लिए एक बड़ी त्रासदी साबित हुई।
जम्मू-कश्मीर पुलिस की बड़ी सफलता और आतंकवादी नेटवर्क का पर्दाफाश
मनोज सिन्हा ने जम्मू-कश्मीर पुलिस की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस ने पूरे देश में फैले “व्हाइट कॉलर आतंकवादी नेटवर्क” का पर्दाफाश किया है। इस नेटवर्क को उजागर कर उन्होंने कई संभावित आतंकवादी हमलों को रोका है। उन्होंने कहा कि पुलिस की यह उपलब्धि देश की सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने यह भी बताया कि अक्टूबर में नॉवगाम में जैश-ए-मोहम्मद के पोस्टर्स मिलने के बाद यह जांच शुरू हुई थी, जिससे आतंकवादी नेटवर्क का खुलासा हुआ।
मजिस्ट्रेटीय जांच आदेशित, कानूनी प्रक्रिया का पालन जरूरी
उपराज्यपाल ने साफ किया कि नॉवगाम पुलिस स्टेशन विस्फोट एक दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना थी, जिसमें कोई आतंकी साजिश या बाहरी हस्तक्षेप शामिल नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं में कानूनी प्रावधानों के अनुसार मजिस्ट्रेटीय जांच अनिवार्य होती है, और इसे तुरंत शुरू कर दिया गया है। उपराज्यपाल ने कहा कि इस मामले की पूरी पारदर्शिता के साथ जांच होगी ताकि घटना के हर पहलू का पता लगाया जा सके और भविष्य में इस प्रकार की दुर्घटनाओं को रोका जा सके।





